विश्िेषर्
नारी कल्यार् एवं स्वतंत्रता के समर््थक डॉ. आंबेडकर
अनिता भारती
‘ द
लित समाज ने कितनरी प्रगति करी है इसे मैं दलित स्त्री करी प्रगति से तौलता हूं,’ जैसरी गंभरीर और विचारोत्तेजक व स्त्रियोों के घोर पक् में करी गई व्टप्पर्री के व्टप्पर्रीकार ्डोॉ. आंबे्डोकर द्ारा स्त्रियोों के पक् में किए गए का्यषों का अक्सर ऊपररी तौर पर दलित एवं गैर दलित साहित््यकारों द्ारा केवल वर््णन मात् कर वद्या जाता है, परन्दतु उनमें ्यह गंभरीर स्त्री चेतना कहां से आई उनके जरीिन के इस सबसे महत्पूर््ण पहलू को चचावा रहित छोड़ वद्या जाता है । ्डोॉ. आंबे्डोकर के सम्पूर््ण जरीिन दशवान पर बात करें तो ्यह अतिश््योक्क्त पूर््ण कथन नहरी माना जा
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