रिपोट्ट
विशेष रूप से इसलिए महत्िपूर््ण है क््योंकि वह अनुसूचित जनजाति समुदा्य से आतरी हैं और छत्तरीसगढ़ करी राजनरीवत में सवरि्य रहरी हैं । गुजरात जैसे महत्िपूर््ण संगठनात्मक राज््य में उन्दहें जिम्मेदाररी मिलना महिला और जनजातरी्य नेतृत्ि के प्रतिनिधित्ि का भरी उदाहरर् है ।
मध््य प्रदेश में बाबुल कुमार देब प्रभाररी हैं और रेखा िमावा सह-प्रभाररी । ्यह सं्योजन भरी उल्लेखनरी्य है, क््योंकि रेखा िमावा उत्तर प्रदेश करी राजनरीवत से आने वालरी महिला नेता हैं और अब मध््य प्रदेश करी संगठनात्मक जिम्मेदाररी संभालेंगरी । इससे भाजपा करी नई प्रभाररी व््यवस्था में महिला नेतृत्ि को राज््यों के संगठनात्मक काम से जोड़ने करी प्रवृत्ति भरी दिखाई देतरी है ।
राजस्थान में संज्य भाव्ट्या प्रभाररी हैं और कविता पा्टरीदार तथा कुलजरीत चहल सह- प्रभाररी । ्यहां भरी पार्टी ने एक प्रभाररी के साथ दो सह-प्रभारियोों करी व््यवस्था करी है । महाराष्ट्र में बैज्यंत पां्डोा के साथ अमित मालिरी्य, सदानंद शे्ट तानािड़े और कमलजरीत सहरावत को सह-प्रभाररी बना्या ग्या है । इतने बड़े राज््य में चार सदस््यरी्य प्रभाररी ्टरीम बनाना संगठनात्मक जिम्मेदारियोों को अलग-अलग स्तरों पर बां्टने करी रर्नरीवत को दशावाता है ।
उत्तर प्रदेश करी प्रभाररी ्टरीम इस पूररी वन्युक्क्त प्रवरि्या का सबसे महत्िपूर््ण हिस्सा है । विनोद तािड़े को प्रदेश प्रभाररी बना्या ग्या है और उनके साथ जगदरीश प्टेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदरीप िमावा तथा अनंत ओझा को सह-प्रभाररी वन्युक्त वक्या ग्या है । पांच सदस््यरी्य ्यह ्टरीम ऐसे सम्य में बनरी है जब भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को सवरि्य करने में जु्टरी है ।
उत्तर प्रदेश करी सामाजिक संरचना को देखते हुए प्रभाररी ्टरीम करी भूमिका विशेष महत्ि रखतरी है । ्यहां दलित और पिछड़े समाज के भरीतर भरी अनेक सामाजिक समूह हैं और उनके राजनरीवतक हित समान नहीं हैं । इसलिए प्रदेश संगठन के सामने केवल बूथ प्रबंधन ्या चुनािरी तै्याररी करी चुनौतरी नहीं होगरी, बक्ल्क अलग-अलग सामाजिक समूहों के साथ संवाद बनाए रखना भरी महत्िपूर््ण होगा ।
हालांकि उत्तर प्रदेश करी घोषित प्रभाररी ्टरीम में अनुसूचित जाति ्या अन्द्य पिछड़ा िगवा के प्रतिनिधित्ि को लेकर कोई आधिकारिक सामाजिक िगशीकरर् पार्टी ने जाररी नहीं वक्या है । इसलिए केवल नाम ्या राजनरीवतक पृष्ठभूमि के आधार पर किसरी नेता करी जातरी्य पहचान त्य करना उचित नहीं होगा । ्यहरी सावधानरी बिहार, गुजरात, मध््य प्रदेश ्या अन्द्य राज््यों करी ्टरीम पर भरी लागू होतरी है । जहां सामाजिक पहचान सािवाजनिक रूप से स्थावपत है, िहीं तक उसका उल्लेख वक्या जाना चाहिए ।
बिहार में हरिश वद्िेदरी प्रभाररी हैं और संगरीता ्यादव तथा रोहन गुप्ता सह-प्रभाररी हैं । बिहार का सामाजिक-राजनरीवतक ढांचा अत््यंत विविध है और ्यहां पिछड़े, अत््यंत पिछड़े तथा दलित समुदायोों करी राजनरीवतक भूमिका महत्िपूर््ण रहरी है । ऐसे राज््य में प्रभाररी ्टरीम को संगठनात्मक विस्तार के साथ सामाजिक संवाद करी भरी बड़री
जिम्मेदाररी निभानरी होगरी ।
तमिलना्डोु और उत्तराखं्डो करी जिम्मेदाररी राम माधव को दरी गई है । उनके साथ तमिलना्डोु में वनमवाल कुमार सुराना और ्डोरी. के. अरुर्ा तथा उत्तराखं्डो में अरविंद मेनन और बांसुररी स्िराज सह-प्रभाररी हैं । दो बिल्कुल अलग सामाजिक और राजनरीवतक पररक्स्थवत्यों वाले राज््यों करी जिम्मेदाररी एक हरी वरिष्ठ नेता को देना संगठन के भरीतर अनुभव और समन्दि्य को महत्ि देने करी ओर संकेत करता है ।
छत्तरीसगढ़ और हरर्यार्ा दोनों राज््यों का प्रभार स्मृवत ईरानरी को वद्या ग्या है । छत्तरीसगढ़ में वसद्धाथवा शंभू और हरर्यार्ा में भोला सिंह सह-प्रभाररी हैं । एक हरी प्रभाररी को दो राज््यों करी जिम्मेदाररी देने के साथ अलग-अलग सह- प्रभारियोों करी वन्युक्क्त करी गई है । इससे राज््यों के स्थानरी्य संगठनात्मक काम को अलग-अलग स्तर पर संभालने करी व््यवस्था बनतरी है ।
22 vDVwcj 2026