पब्श्चम बंगाल में भी अनुसूचित जाति नेतृत्ि को प्रतिनिधित्ि मिला है । यहां सुनील बंसल को प्रभारी बनाया गया है और उनके सार् लाल सिंह आय्श, राजेंद्र सिंह तर्ा पिंकी कुशवाहा को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है । लाल सिंह आय्श लंबे समय तक भाजपा के अनुसूचित जाति मोचचे से जुड़े रहे हैं ।
प्रभाररी बना्या ग्या है और उनके साथ लाल सिंह आर््य, राजेंद्र सिंह तथा पिंकरी कुशवाहा को सह-प्रभाररी वन्युक्त वक्या ग्या है । लाल सिंह आर््य लंबे सम्य तक भाजपा के अनुसूचित जाति मोचरे से जुड़े रहे हैं । ऐसे में पक्श्चम बंगाल जैसे राज््य में उनकरी वन्युक्क्त को सामाजिक संपक्क और व््यापक संगठनात्मक जिम्मेदाररी, दोनों संदभषों में देखा जा सकता है ।
भोला सिंह और लाल सिंह आर््य करी वन्युक््ततियां इसलिए भरी ध््यान खींचतरी हैं क््योंकि दोनों नेताओं को उनके राजनरीवतक प्रभाव वाले
मूल क्ेत् से बाहर संगठनात्मक जिम्मेदाररी मिलरी है । इससे उनके सामने स्थानरी्य सामाजिक समरीकरणोों को समझने और राज््य संगठन के साथ तालमेल बनाने करी चुनौतरी होगरी । साथ हरी पार्टी को ऐसे नेताओं के अनुभव का दूसरे राज््यों में इस्तेमाल करने का अवसर भरी मिलेगा ।
प्रभाररी और सह-प्रभाररी करी इस सूचरी में पिछड़े िगवा का प्रतिनिधित्ि भरी कई स्तरों पर दिखाई देता है । जम्मू-कश्मरीर और पंजाब करी जिम्मेदाररी सत् ्यश पूवन्या को दरी गई है । पंजाब में उनके साथ वीरेेंद्र सचदेवा और अलका गुजवार सह-
पब्श्चम बंगाल में भी अनुसूचित जाति नेतृत्ि को प्रतिनिधित्ि मिला है । यहां सुनील बंसल को प्रभारी बनाया गया है और उनके सार् लाल सिंह आय्श, राजेंद्र सिंह तर्ा पिंकी कुशवाहा को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है । लाल सिंह आय्श लंबे समय तक भाजपा के अनुसूचित जाति मोचचे से जुड़े रहे हैं ।
प्रभाररी हैं, जबकि जम्मू-कश्मरीर में ररीना कश््यप सह-प्रभाररी हैं । पूवन्या को राजस्थान करी राजनरीवत और संगठन में लंबे अनुभव वाले नेता के रूप में जाना जाता है और अब उन्दहें दो अलग-अलग राजनरीवतक पररक्स्थवत्यों वाले क्ेत्ों करी जिम्मेदाररी दरी गई है ।
केरल में एम. नागराजा को प्रभाररी बना्या ग्या है और एम. िेंक्टेशन को सह-प्रभाररी । दक्षिण भारत में संगठन विस्तार के लिहाज से केरल भाजपा के लिए एक महत्िपूर््ण राज््य है । ऐसे राज््य में स्थानरी्य सामाजिक संरचना को समझने वाले नेताओं के साथ संगठन को आगे बढ़ाने करी जिम्मेदाररी प्रभाररी ्टरीम के सामने होगरी ।
झारखं्डो में गजेंद्र प्टेल को प्रभाररी बना्या ग्या है । उनके साथ सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह सह-प्रभाररी हैं । असम में मंगल पां्डोे प्रभाररी हैं और फांगनोन कोन्द्याक तथा मनोज तिग्गा को सह-प्रभाररी बना्या ग्या है । इन वन्युक्क्त्यों में पूिवोत्तर और आदिवासरी बहुल क्ेत्ों के लिए स्थानरी्य सामाजिक और क्ेत्री्य प्रतिनिधित्ि को भरी महत्ि मिलता दिखाई देता है ।
असम करी ्टरीम विशेष रूप से उल्लेखनरी्य है । फांगनोन कोन्द्याक और मनोज तिग्गा जैसे नेताओं को मंगल पां्डोे के साथ सह-प्रभाररी बनाकर राज््य संगठन को अलग-अलग सामाजिक और क्ेत्री्य अनुभिों से जोड़ने करी कोशिश करी गई है । असम जैसे विविधतापूर््ण राज््य में संगठन करी चुनौतरी केवल राजनरीवतक का्यवारिमों तक सरीवमत नहीं रहतरी, बक्ल्क विवभन् क्ेत्ों और समुदायोों के बरीच निरंतर संवाद भरी जरूररी होता है ।
मेघाल्य में कना्डो पुरका्यस्थ के साथ नुमल मोमिन को सह-प्रभाररी बना्या ग्या है । पूिवोत्तर के राज््यों में भाजपा संगठन के विस्तार करी अपनरी अलग चुनौवत्यां हैं । इसलिए ्यहां प्रभाररी और सह-प्रभारियोों का च्यन केवल चुनािरी समरीकरर् से नहीं बक्ल्क क्ेत्री्य संपक्क और संगठनात्मक अनुभव के संदभवा में भरी महत्िपूर््ण है ।
गुजरात में तरुर् चुघ प्रभाररी हैं और उनके साथ अज्य महावर तथा गोमतरी साई को सह- प्रभाररी बना्या ग्या है । गोमतरी साई का नाम
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