Mummatiya by Dharmendra Rajmangal Mummatiya by Dharmendra Rajmangal | Page 70

70 कपड़ों की ख़ुशी िे ककसी को भी ये बात ध्यान न रही. आगरे वाली के लडके ने किला को दो ढाई हजार रुपया दे ने का वादा भी कर टदया. किला ने दे खा की सब काि ननपि गया है तो आगरे वाली से बोली, “बहन अगर िुझसे कफर कोई गलती हुई तो पहले की तरह लडोगी तो नही िुझसे?” आगरे वाली को पहले की हर बात ध्यान थी. वो थोडा खझझकते हुए बोली, “नही इस बार तुिसे लडूींगी नही. तुि आराि से अपनी बेिी की शादी िें जाओ.” किला के साथ साथ बाकी के लोग भी आगरे वाली की इस बात से िुस्त्कुरा पड़े . *** आि तारीख को सुबह ही किला ने जीतू को तैयार कर टदया. पड़ोसी की िाींगी हुई किीज पें ि पहन जीतू पूरा जोकर सा लग रहा था लेककन उसे तो नये कपड़े पहनने की ख़ श ी थी. कफर उसे क्या ितलब कक कपड़ उसके नाप से छोिे हैं या बड़े . टदशा की सगाई पर केवल जीतू ही जा रहा था. किला उसकी शादी िें जानेवाली थी. जीतू पहली बार शहर जा रहा था. आज से पहले वो कभी शहर नही गया था. किला ने जीतू को िीक तरीके से सिझा कर ववदा कर टदया. किला को सारे टदन और सारी रात जीतू की धचींता लगी रही. वो पहली बार घर से बाहर अकेला गया था. जीतू जब शोभराज के घर पहुींचा तो शोभराज ने उसे दे खते ही लताड़ टदया. बोला, “जीतू तू ये क्या पहन कर चला आया. िैं तेरी िााँ से पहले ही कहकर आया था कक बच्चों को अच्छे कपड़े पहना कर भेजना. इतने के बावजूद भी तुझे ये जोकरों वाले कपड़े पहना टदए. अब बता इतने बड़े िेहिानों से िें तेरा पररचय कैसे करूाँगा. अब िुझसे तेरी िााँ ये न कहे कक िेरे लडके से कोई रस्त्ि न कराई. िीक है . ” इतना कह शोभराज जीतू के पास से चला गया. जीतू हतप्रभ खड़ा उसे दे खता रहा. नन्हे लडके के टदिाग िें ये बात अच्छी तरह से आ रही थी कक इन्सान से ज्यादा अच्छे कपड़ो और पैसे की िहत्ता ज्यादा है . तभी तो ताऊ ककसी से उसका पररचय नही करा सकते . उसके बाद टदशा की सगाई हुई . श्जस लडके स टदशा की शादी हो रही थी उसे दे ख जीतू को रोना आ गया. कॉलोनी के लोगों िें शोभराज का रुतवा बहुत बड़े सिाज सेवक के रूप िें तब्दील हो गया था. जीतू के आसपास खड़े लोग कहते थे कक शोभराज ककतना नेक आदिी है श्जसने नौकरानी की शादी भी अपने खच से कर दी. यह सब दे ख जीतू को यहााँ से भागने का िन करता था. उसने अपनी आाँखों से टदशा को भी रोते दे खा था. बस इससे ज्यादा जीतू सह नही सकता था. अपनी सगी बहन की यह हालत दे ख द स रे टदन सुबह िें ही जीतू वहाीं से चल टदया.