Mummatiya by Dharmendra Rajmangal Mummatiya by Dharmendra Rajmangal | Page 60

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और बहू के साथ दूसरे राज्य िें है. अब किला दूसरे राज्य िें कै से जाए? श्जले से दूसरे श्जलें िें जाने के मलए तो पैसे नही होते थे कफर इतनी दूर का ककराया कै से आये?
किला ने शोभराज से कहा भी था कक टदशा को एक बार उसके पास घुिा ले जाए लेककन उसने हाीं कहकर िाल टदया और अभी तक घुिाने न लाया. किला को शोभराज की बातों िें खोि नजर आता था लेककन कह नही सकती थी.
लोग कहते कक एक तो दूसरा आदिी लडकी को पाल रहा है ऊपर से लाींछन और लगाती है. िााँ का टदल ही जानता था कक वो अपनी बेिी ववना कै से रह रही थी. ये सब वो अपनी बेिी की भलाई के मलए ही तो कर रही थी.
सिय गुजर रहा था. एक टदन शोभराज दानपुर गााँव िें आया. आकर सीधा आटदराज के घर रुका. किला को शोभराज से आज टदशा के बारे िें बात करनी थी. किला ने छोिू को आटदराज के घर बैिे शोभराज को खबर मभजवा दी कक वो किला से मिलकर जाए. शोभराज ने किला की खबर सुनी तो आटदराज से बोला,“ अच्छा भाई साहब िैं चलता हूाँ. थोडा इस किला को भी कु छ कहता जाऊीं.”
आटदराज हाीं िें सर टहलाते हुए कहा,“ क्या तू इस किला की लडकी की शादी करेगा? िेरे टदिाग से उस लडकी को कफर से यहीीं लाकर पिक दे. जब ये किला उस लडकी की शादी करेगी तो इसके अक्ल टिकाने लग जाएगी और हो सकता है हिसे कजाच भी ले ले?”
शोभराज ने अपने भाई की बात सुन बड़ी कु टिलता से कहा,“ िेरा भी िन एक िहीने पहले इसी बात को सोच रहा था लेककन िुझे एक ऐसा लड़का मिल गया जो ववना एक भी रूपये का दहेज मलए ककसी लडकी से शादी करने के मलए तैयार है. बश्ल्क उल्िा दस पाींच हजार दे और देगा.
िुझे उससे पैसे तो नही मिल पायेगे क्योंकक वो एक दूर के ररकते िें ररकतेदार होता है लेककन उससे टदशा की शादी होने के बाद ये दोनों िााँ बेिी श्जन्दगी भर रोयेंगी. वेशक टदशा बहुत अच्छे घर लायक है. उसकी सुन्दरता की वजह से अच्छे लडके भी उसके मलए न नही कर सकें गे लेककन िैने श्जस लडके को देखा है उसे देख तो कोई बदसूरत लडकी ही उससे शादी को िना कर देगी.”
आटदराज िन िें किला का हश्र सोच बहुत खुश हुआ. बोला,“ ये काि तूने िेरे िन का ककया शोभराज लेककन अगर किला ने उस लडके को देख िना कर टदया कक िेरी बेिी इस लडके के साथ शादी नही करेगी तो क्या होगा?”
शोभराज फिाक से बोल पड़ा,“ िैं किला को उस लडके को टदखाऊीं गा तभी तो बोलेगी. िैं बातों िें किला को ऐसा उलझा दू ींगा कक वो देखने की िन िें भी नही सोचेगी और एक बार को वो श्जद भी करके देख लेती है और शादी से इनकार करती है तो कफर िें टदशा को इसके पास छोड़ जाऊीं गा और कह दू ींगा कक