Mummatiya by Dharmendra Rajmangal Mummatiya by Dharmendra Rajmangal | 页面 57

57 करता है . हो सके तो उसको थोडा सबक मसखा दे ना. भगवान िैं तुिसे पैसा नही िाींगना चाहता. िााँ कहती है कक हिें िेहनत से किा कर खाना चाटहए लेककन भगवान जी िेरी िााँ के मलए कुछ ऐसा कर दीश्जय कक वो कभी न तो रोये और न ही द ख ी हो. भगवान हो सके तो िेरे वपता को कफर से हिारे पास भेज दो. वो जब से िरे हैं तब से तो िााँ बहुत रोती है . भगवान िेरे छोिे भाई ने तो उनका चेहरा तक नही दे खा. कि से कि वो अपने वपता को दे खने का अधधकार तो रखता है न और भगवान तुि तो सब जानते हो कफर जानबूझकर हिें क्यों इतना द ुः ु ख दे ते हो? हि तो तुम्हारी पूजा भी करते हैं . िााँ रािायण पढ़ती है . आपका हर ब्रहस्त्पनतवार को व्रत भी रखती है . क्या आप इस सब से खुश नही हो. भगवान तुिने िेरी बहन को भी िार टदया. भगवान वो तो ककसी स लडती तक नही थी. िााँ के साथ आपकी पूजा भी करती थी लेककन कफर भी आपने उसे ..? भगवान जी हिारे गााँव िें कोई स्त्कूल नही है . िैं और िेरा भाई बहुत द र ू पढने जाते हैं . भगवान जी स्त्कूल वालों ने िेरा नाि रश्जस्त्िर से काि टदया है . कहते हैं तुम्हारी फीस नही आती इसमलए नाि नही मलख सकते . भगवान सबकी हाश्जरी बोली जाती है लेककन कोई भी िा स्त्िर िेरा नाि नही बोलता. िुझे इस बात से थोड़ी शिच भी आती है लेककन िुझे अपनी शिच से ज्यादा इस बात का द ुः ु ख है कक िैं िुफ्त िें पढ़ता हूाँ . िााँ भी इस बात से द ख ी होती है लेककन भगवान जी िााँ के पास फीस के रूपये होते ही कहााँ हैं . वो तो कई सालों से अपने मलए साड़ी भी खरीद कर नही लायी. भगवान जी िेरे घर िें एक छोिा सा धगलास भरकर द ध आता है जबकक और लोगों के घर िें जग भर भर के द ध मलया जाता है . भगवान जी िेरा और िेरे भाइयों का िन द ध पीने के मलए बहुत िचलता है . भगवान जी जब आप छोिे थे तो आप का िन भी तो ऐसा ही करता होगा लेककन आप के घर के लोग तो बहुत अिीर होंगे कफर आप को क्या पता होगा कक हिें कैसा लगता है ? िााँ ने िुझे बताया है कक सारी द न ु नया का खजाना आपके पास होता है . कफर आप ककसी गरीब का हाल कैसे जानोगे ? भगवान श्जतनी जल्दी हो सके कुछ कीश्जयेगा. कुछ ऐसा कीश्जयेगा कक हि लोग सुखी हो जाएाँ . िााँ स पींडडत जी कहते हैं कक घर िें सत्यनारायण की कथा करा दीश्जये . इससे आप के द ुः ु ख द र ू हो जायेंगे लेककन िााँ के पास हिारी फीस के पैसे नही तो आपकी कथा कैसे कराए? इस बात के मलए आप िााँ को िाफ़ कर दे ना. भगवान जी लोग कहते हैं कक आप हर जगह हो लेककन टदखाई क्यों नही दे ते और गााँव के लोग िेरे साथ पढने वाले उस हररजन के लडके को िश्न्दर िें घुसने नही दे ते . भगवान जी क्या आप भी इसको सही िानत