47
कटिन था. ककन्तु गरीबी से उबरने का कोई और भी तरीका तो नही था. किला ने जीतू की बात पर हााँ कर दी. इस बार खेती को पट्टे पर न उिाया गया.
सबसे पहले खेत की जुताई हुई और उसिें अरहर बोई गयी. अरहर की फसल भी बहुत अच्छी हुई थी. किला अपने साथ जीतू को ले अरहर की गुड़ाई िें लग गयी. भरी दोपहरी और तपती गिी िें दोनों अरहर की गुड़ाई करते थे.
नन्ही एक दो टदन से बीिार चल रही थी. उससे चारपाई से उिा तक नही जा रहा था. उसे गिी का कोई ख़ास बुखार हो गया था लेककन किला उसे तींगी के चलते ककसी डॉक्िर को टदखा न सकी. गााँव िें ही थैला छाप डॉक्िर को टदखाया लेककन कोई फायदा न हुआ. सर पर अरहर गुड़ाई को खड़ी थी. श्जसके पौधे बड़े हो रहे थे. ज्यादा बड़े पौधों िें गुड़ाई िीक से हो ही नही पानी थी और ऊपर से नन्ही की बीिारी. किला की सिझ िें न आता था कक वो क्या करे?
आज किला नन्ही के सर पर िींडी पट्टी रख रही थी. नन्ही को िााँ के साथ से यह सब करवाना बहुत सुकू न दे रहा था. किला ने नन्ही से बड़े प्यार से पूींछा,“ नन्ही अगर तू कहे तो िैं खेत पर अरहर की गुड़ाई करने चली जाऊीं? अगर तू िीक हो तो बता दे नही तो िैं आज न जाउीं गी.” नन्ही का िन तो था कक िााँ को अपने पास रोक ले लेककन उसे िााँ की िजबूरी भी पता थी. बोली,“ नही िााँ तुि चली जाओ. िैं िीक हूाँ लेककन खेत से जल्दी आ जाना.”
किला ने नन्ही की बात पर हााँ िें सर टहला टदया. कफर जीतू को ले खेत की तरफ चल दी. जीतू भी ज्यादा बड़ा नही था. उसकी उम्र इस वक्त कोई बारह तेरह साल के आसपास थी लेककन घर पर रह रहे अपने भाई बटहनों िें सबसे बड़ा था.
इस कारण किला उसे अपने साथ ले जाती थी. एक अके ली औरत दो ककलोिीिर तक अके ली भी तो नही जा सकती थी. अपने बेिे के साथ जाते हुए उसे इतना डर नही लगता था. जबकक बेिा खुद िााँ से अपनी रिा की उम्िीद करता था.
जोरदार गिी पड़ रही थी और दोपहर का वक्त था. घर पर नन्ही बीिार पड़ी थी. छोिू और कयाि घर पर उसकी देखभाल के मलए थे. दोपहर िें अचानक नन्ही जोर जोर से रोने लगी. िोहल्ले के बच्चों ने छोिू को बताया कक नन्ही पर भूत है. सारे बच्चे नन्ही पर भूत सिझ उसकी हींसी बनाते रहे और नन्ही जोर जोर से रोती रही. नन्ही ने धीरे धीरे रोना बींद कर टदया और सो गयी. बच्चे भी हाँसना बींद कर अपने खेल िें लग गये.
शाि को खेत से किला और जीतू घर आये. किला ने आते ही सबसे पहले नन्ही को देखा. वो जानना चाहती थी कक नन्ही की तबबयत अब कै सी है. नन्ही गहरी नीींद िें सोयी हुई थी. किला ने नन्ही के चेहरे