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नन्ही के िना करने पर िैंने वो पराींिा खा मलया था. सुबह िािी ने जब उिकर बतचन के पराींिे गायब देखे तो नानी से मशकायत कर दी कक नन्ही ने पूजा वाले पराींिे खा मलए हैं. इस बात से गुस्त्सा हो नानी ने नन्ही को लोहे की करछ्ली से बहुत िारा. िााँ तुि नन्ही की पीि पर देखो. उस करछ्ली की िार के ननशान अभी तक होंगे.”
किला का टदल इस बात को सुन कु म्हला गया. वो नन्ही से बोली,“ नन्ही अपनी पीि टदखाना जरा. टदखा तुझे कहााँ पर करछ्ली िारी थी?” नन्ही भी िााँ को अपनी तकलीफ टदखाने के मलए लालनयत थी. उसने पीछे िुड कर अपनी फ्रोक पीि तक उिा दी. नन्ही लडकी नन्ही की पीि पर करछ्ली की धार के किे हुए ननशान साफ़ साफ टदखाई दे रहे थे.
किला ने नन्ही को पीि के ननशानों को अपने हाथ से छू कर देखा. नन्ही िााँ के छू ने से उछल पड़ी. शायद उस जगह पर अभी भी ददच हो रहा था. किला का टदल रो पड़ा. उसने खुद कभी अपनी सौतेली लडककयों पर भी कभी हाथ न उिाया था.
आखखर छोिे बच्चों को छोिी सी गलनतयों के मलए क्यों िारा जाय? उस गाय और कु त्ते को दी जाने वाली रोिी को अगर बच्चों ने खा मलया तो कौन सा पहाड़ िू ि पड़ा? इन्सान ज्यादा िहत्वपूणच है या जानवर? क्या उसके बच्चों की कदर गाय और कु त्ते से भी गयी गुजरी थी?
किला िन िें कु छ ननणचय ले उि खड़ी हुई और चारों बच्चों से बोली,“ चलो आओ अींदर चलते हैं.” इतना कह किला बच्चों को ले अींदर घर िें चली गयी. घर िें अींदर रािचरन और सुशीला के साथ साथ किला के भाई भी बैिे हुए थे.
किला ने अींदर जाते ही अपने वपता से गम्भीर हो कहा,“ वपताजी िैं चारों बच्चों को ले अपने घर जा रही हूाँ.” किला की बात सुन सब लोग भौचक्के रह गए. रािचरन हडबडा कर बोले,“ क्यों? क्या बात हो गयी बेिा. क्या ककसी ने कु छ कह टदया तुिसे?”
किला को अपने घर वालों पर बहुत गुस्त्सा आ रहा था. अपने वपता से बोली,“ कहने को बचा ही क्या है वपताजी? िााँ िेरे बच्चों को िीक से खाना नही देती. ऊपर से बुरी तरह िारती है वो अलग. नन्ही की पीि पर करछली के ननशान अभी तक बने हुए है. भला कोई बच्चों को इतनी बुरी तरह से िारता है क्या?
भूखा बच्चा चुरा कर खाना नही खायेगा तो क्या करेगा? अगर तुि लोग िेरे बच्चों को िीक से खाना नही खखला सकते थे तो िुझे बता क्यों न टदया. िैं अपने बच्चों को यहााँ से ले जाती. िारने और भूखे रखने की क्या जरूरत थी?
िैं तुम्हारी इकलौती बेिी हूाँ और िेरी परेशानी िें तुि लोग काि नही आओगे तो कौन आएगा? िैं तुि लोगों के पास िदद िाींगने न आती तो ही अच्छा था. कि से कि िेरे िासूि बच्चे इतने प्रताडड़त तो