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ने सीिा को छोिेपन से ही किला के खखलाफ कर टदया था जबकक सीिा नही जानती थी कक उसका सारा खेल ही आटदराज ने बबगाड़ा है. उसके सगे बाप को जहर भी आटदराज और शोभराज ने मिलकर टदया है. श्जस सौतेली िााँ को वो अपना बुरा िान रही थी उसने तो अपने सगे बच्चों को भूखा रख उसकी शादी की थी.
सीिा से बड़ी लीला के पनत की कु छ टदन पहले ही िौत हो गयी थी. लीला अपने पनत की िौत के बाद पागल सी हो गयी थी. किला को लीला का ददच पता था. क्योंकक वो खुद ववधवा थी लेककन भगवान की कृ पा से ये अच्छा था कक लीला की ससुराल वाले अिीर थे. उसे किला की तरह भिकना नही पड़ता था. लीला के तीन बच्चे थे जो बड़े आराि से उसकी ससुराल िें रह रहे थे लेककन किला के बच्चे घोर तींगी और दुखों िें पल रहे थे.
श्जन्हें रोज पेि भर रोिी भी िीक से नसीब नही थी. लीला जब भी दानपुर आती तो वो भी सीधी आटदराज के घर आ कर रूकती थी. किला के पास दोनों िें से कोई लडकी नही आना चाहती थी. क्योंकक किला के पास न तो उन दोनों के मलए कु छ देने को था और न ही कु छ बटढया खखलाने को. लेककन आटदराज का घर सम्पन्नता से भरा हुआ था.
एक टदन किला को बाहर रह रहे अपने तीनों बच्चों से मिलने का िन हुआ. किला ने अपने छोिे बच्चों को साथ मलया और सबसे पहले अपने िायके पहुींची. जहााँ जीतू और नन्ही रह रहे थे. िायके आते ही किला का िन खखन्न हो उिा. उसके दोनों बच्चे यहााँ बहुत बुरी हालत िें थे.
जीतू के सर पर कई फोड़े ननकले हुए थे और इतने पर भी वो गााँव के बाहर लगे सरकारी नल से पानी ढो रहा था. पानी का बड़ा बतचन उसके सर पर रखा था. उस के सर िें हुए फोड़ों िें से लगातार पीव( िवाद) ननकल रहा था लेककन किला के िााँ बाप या भाइयों िें ककसी को तरस न आया. इतने पर भी उस दस साल के लडके से लगातार काि कराए जा रहे थे.
जबकक किला के िायके और आसपास के इलाकों िें ररवाज था कक अपने बटहन और भाींजों से कोई भी काि नही कराता था. लोग इनको सबसे बड़ा िानते थे लेककन इन सबसे परे जीतू बहुत छोिी उम्र का भी था. जो यह सब काि करने लायक ही नही था.
नन्ही घर का चूल्हा चौका कर रही थी. उसने नन्हे से शरीर पर बेहद िैली और धचथड़ों से मलपिी एक फ्रोक पहनी हुई थी. श्जसे किला ने साल भर पहले नन्ही को पहना कर भेजा था. किला अपने बच्चों की ऐसे हालत देख िर िर गयी लेककन अपने घर वालों से कु छ कह भी तो नही सकती थी.
किला को देखते ही दोनों बच्चें अपनी िााँ से मलपि फू ि फू ि कर रोये. किला को देख उसके िायके के लोग मसिवपिा गये. उन्हें आज किला के आने की उम्िीद नही थी वरना बच्चों को इस तरह कि से कि