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गााँव िें रिा और िुखखया जी के इकक के चचे िशहूर थे लेककन किला को इस बात से कोई ितलब नही था. परन्तु आज जब खुद रिा उसको िुखखया का िुरीद बनाने की कोमशश करने लगी तो किला के िन ने इस बात पर एतराज कर टदया.
किला बहुत ही धामिचक और सींस्त्कारों वाली स्त्री थी. उसे ऐसा कोई काि नही करना था श्जससे उसके िृतक पनत या उसके िााँ बाप को कोई बदनािी सहनी पड़े. वो िुखखया के सािने खुद को गुलाि नही बना सकती थी कफर चाहे उसके मलए पेंशन मिले या न मिले. सोचती थी तब से ऐसे ही जी रही है तो कु छ टदन और ऐसे ही जी लेगी लेककन ककसी को अपनी अश्स्त्िता से खेलने का िौका नही देगी.
इसके बाद किला रिा के घर से उि कर चल दी. रिा ने किला को जाते हुए देखा तो बोल पड़ी,“ किला फोिो खखींचवा कर तैयार रखना. श्जस टदन िुखखया जी आयेंगे िें तुझे बुलवा लूींगी.” किला ने हााँ िें सर टहला टदया. िुखखया की नजरें अब भी वही हैवाननयत मलए किला को देखे जा रही थी.
किला तेजी से छोिू का हाथ पकड़ रिा के घर से बाहर ननकल गयी. रिा के घर से बाहर ननकलते ही उसकी साींस िें सााँस आई. किला ने िन ही िन फै सला ककया कक अब वो कभी रिा के घर िुखखया के आने पर नही आएगी.
हर आदिी एक अके ली स्त्री का फायदा उिाना चाहता था. चाहे वो उसके खानदानी उसके अपने हों या कफर वाहर के लोग जो सिाज की रिा के मलए तय ककये गये थे. िुखखया राशनकाडच और ववधवा पेंशन टदलाने के बदले किला का शोषण करना चाहता था और किला के खानदानी उसकी जिीन जायदाद का.
चारो तरफ से िुसीबतों से नघरी किला इन चालबाजों से बड़ी िुश्ककल से खुद को बचा कर चल रही थी. किला पर तरस टदखाते लोग इस तरस टदखाने के बदले कु छ न कु छ चाहते थे. लेककन किला भी अपने स्त्वामभिान पर अिल थी. उसे गरीबी से जूझना िींजूर था लेककन अपनी अश्स्त्िता से खखलवाड़ कतई पसींद नही था.
बाद िें किला ने फोिो तो खखींचा मलए लेककन खुद उन्हें िुखखया को देने न गयी. अपने बेिे को भेज वो फोिो रिा के घर आये िुखखया को मभजवा टदए. िुखखया किला के इस व्यवहार से नाराज़ हो गया. कफर उसने न तो किला के मलए ववधवा पेंसन ही बींधवाई और न ही राशन काडच बनवाया.
भरी तींगी िें किला ने पन्रह ककलो िीिर दूर जा फोिो खखींचवाए थे वो भी बेकार चले गये. इस बात का किला को अफ़सोस भी था लेककन एक बात की उसे ख़ुशी भी थी कक वो अपने सम्िान के साथ जी रही थी. शायद वो चाहती तो िुखखया उसके दोनों काि करवा सकता था लेककन कफर आज वाली किला नही होती. जो अपने िान सम्िान से श्जए जा रही थी.
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