Mummatiya by Dharmendra Rajmangal Mummatiya by Dharmendra Rajmangal | Page 35

35
लगी थी. ये पहली बार था जब उच्च जानत की िटहला अन्य लोगो के खेतों िें जा कर काि कर रही थी लेककन किला को क्या ऐसा करते ख़ुशी थोड़े ही न हो रही थी? भीषण गिी िें अपने सबसे छोिे बच्चे को पीि पर डाले खेतों िें काि करना ककस औरत के मलए ख़ुशी की बात हो सकती थी.
खेतों िें किला िूींग की फली तोड़ने से लेकर गेंहू कािने तक का काि करती थी. िूींग की फली खेत से तोड़ कर उस ककसान के घर तक पहुींचानी पडती थी. कफर उसकी तुलाई होती थी. श्जससे िालूि पड़े कक ककसने ककतनी फली खेत से तोड़ी हैं. कफर तुलाई करने के बाद पचास पैसे प्रनत ककलो के टहसाब से हरएक औरत को पैसा मिलता था.
किला पूरी दोपहरी फली तोडती तो ज्यादा से ज्यादा दस से पन्रह ककलो फली तोड़ पाती थी. श्जसका पाींच से आि रुपया मिल जाता था. जबकक उसी सिय दूध की कीित बारह रूपये ककलो थी और दारु के पौवे का दाि पन्रह रुपया. एक मभखारी को लोग पाींच रुपया आसानी से दे देते थे.
सुबह घर का पूरा काि करना. दोपहर िें पूरी दोपहरी खेतों िें काि करना. शाि को कफर से घर का काि करना. कफर रात को आधा पेि भोजन कर सो जाना और कभी कभी तो वो आधा पेि भी बहुत िुश्ककल पड़ जाता था.
लेककन इतने पर भी किला दुननयादारी भूल िेहनत ककये जा रही थी. उसके टदल िें टदन रात अपनी गरीबी से छु िकारा पाने की योजना चलती रहती थी. अपने बच्चों का उज्ज्वल भववष्य उसकी आखों िें टदवास्त्वप्न बना टदखाई देता रहता था.
परन्तु किला का इस तरह खेतों िें काि करना उसके खानदानी लोगों को अच्छा न लगा. आटदराज जो ररकते िें किला का जेि लगता था, उसने अपनी पत्नी से किला को ये सब काि छोड़ देने के मलए कहलवा टदया.
आटदराज की बीबी चींदा किला के गााँव की ही थी. चींदा की बहन पावचती रणवीर की पहली बीबी थी. इस तरह चींदा भी किला की ररकतेदार होती थी. जब चींदा ने आकर किला को आटदराज की कही बात कही तो किला को थोडा गुस्त्सा आ गया.
किला को सिझ नही आया कक वो इस बात पर चींदा से क्या कहे. आखखर चींदा खुद एक औरत थी और औरत को औरत का ददच मसफच देखकर ही पता लग जाना चाटहए था. लेककन चींदा ने यह सब िहसूस न ककया.
किला चींदा को जेिानी के ररकते की जगह अपना गााँव वाला ररकता ही िानती थी. बोली,“ बुआ दद्दा ने जब आप से यह सब कहा तो आप उनको कु छ न कह सकीीं? आप को िेरे घर की हालत नही पता? िेरे बच्चे अपने जीवन को जीने के मलए इधर उधर दूसरों के यहााँ रह रहे हैं.