विशेष
्वालमतव भाववाली ममता ने किया राष्ट्रपति का अपमान
बंगाली दलित एवं आदिवासियों ने दिया करारा जबाब
डा. विजय सोनकर शा्त्ी
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श्चम बंगाल विधानसभा चुनावों के परिणामों ने राष्ट्रीय राजनीति में बदलाव के सपष्ट संकेत दिए हैं । राजय की निवर्तमान मुखयमंत्री ममता बनजटी की हार के पीछे मुशसलम तुष्टिकरण, सत्ा विरोधी लहर, भ्रष्टाचार, कानून-वयिसथा से जुड़े मुद्ों के साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों का प्रचंड गुससा भी एक
बड़ा कारण रहा । अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की जनता मार्च 2026 में राजय के दलौरे पर गई राष्ट्रपति द्रलौपदी मुर्मू के अपमान को भुला नहीं पाई और अपनी उग् प्रहतहरिया चुनाव में दिखाई । परिणामसिरूप राजय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 84 सीटों में से 67 सीटों पर भाजपा विजय हासिल करने में सफल रही ।
राजय की अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित
जनजाति वर्ग की जनता गत 7 मार्च 2026 की उस घटना को भुला नहीं पाई, जिस दिन उत्र बंगाल शसथत सिलीगुड़ी में अंतर्राष्ट्रीय संथाल परिषद द्ारा 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सममेलन का आयोजन किया गया था । सममेलन में राष्ट्रपति मुर्मू ने मुखय अतिथि के रूप में हिससा लिया था । राष्ट्रपति के पश्चम बंगाल दलौरे पर राजय की ततकालीन मुखयमंत्री ममता बनजटी ने राजनीतिक विरोध के कारण राष्ट्रपति का
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