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राजय के यह चुनाव परिणाम ्पष्ट संकेत देते हैं कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के मधय भाजपा की लोकलप्यता एवं विशवास बढ़ा है । विशेष रूप से सीमांत षिेत्ों में रहने वाले अनुसूचित जाति वर्ग बहुल षिेत्ों में मतुआ समाज ने भाजपा के पषि में निर्णायक भूमिका निभाते हुए भाजपा की स्थलत को और मजबूत किया है ।
अपमान करने में कोई कोरकसर बाकी नहीं रखी । राष्ट्रपति को अपमानित करने के उद्े्य से राष्ट्रपति के दलौरे के मधय प्रोटोकलॉल का पालन ही नहीं किया गया और न ही राजय सरकार का कोई मंत्री राष्ट्रपति के सिागत के लिए पहुंचा । घटना के बाद अनुसूचित जाति एवं जनजातीय वर्ग के लोगों में रिोध की लहर फैली और जनमानस तूणमूल कांग्ेस के विरुद्ध होता चला गया ।
बाद में राष्ट्रपति द्रलौपदी मुर्मू ने अपनी नाराजगी वयकत करते हुए दार्जिलिंग में आयोजित एक कार्यरिम में पूछा था कि कया मुखयमंत्री( ममता बनजटी) उनसे नाराज हैं? कार्यरिम में राष्ट्रपति ने यह खुलासा भी किया कि आदिवासी समाज के लोगों को संथाल सममेलन में हिससा लेने से रोका गया । साथ ही राजय सरकार ने सममेलन के लिए उचित सथान भी उपलबध नहीं कराया ताकि अधिक लोग भाग नहीं ले सके । घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ' शर्मनाक और अभूतपूर्व ' बताते हुए कहा था
कि आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान पश्चम बंगाल की जनता कभी माफ नहीं करेगी ।
और जैसा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, विधानसभा चुनाव में वैसा ही राजय में हुआ । राष्ट्रपति मुर्मु के अपमान को जनजातीय समाज भुला नहीं पाया, जिसके कारण विधानसभा चुनाव में भाजपा को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 68 सीटों में से 51 सीट और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सभी 16 सीटों पर विजय हासिल हुई । उत्र बंगाल( दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्ार) और जंगलमहल( पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्ाम) में अनुसूचित जनजाति वर्ग वाली सभी 16 सीटों पर कबजा करके भाजपा ने इतिहास की रचना कर दी है ।
राजय के यह चुनाव परिणाम सपष्ट संकेत देते हैं कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के मधय भाजपा की लोकप्रियता एवं वि्िास बढ़ा है । विशेष रूप से सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जाति वर्ग बहुल क्षेत्रों
में मतुआ समाज ने भाजपा के पक्ष में निर्णायक भूमिका निभाते हुए भाजपा की शसथहत को और मजबूत किया है ।
वैसे राजय में पंद्रह वर्ष तक सत्ा संभालने के मधय ममता बनजटी लगातार यह दावा जोर- शोर से करती रहीं कि उनके राजय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनता के कलयाण के लिए सभी आि्यक कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन सच यह है कि राजय के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में आम जनता सड़क, पेयजल, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी से जोहती रही और उनकी भूमि पर तृणमूल के गुंडों ने कबजा कर लिया । तृणमूल कांग्ेस पोषित गुंडों के अतयाचार, लूट, भ्रष्टाचार और महाजंगलराज से पीड़ित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की जनता ने पुरुलिया, बांकुड़ा और झाड़ग्ाम भाजपा का समर्थन करते हुए राजय की सत्ा में बदलाव का पूर्ण रूप से समर्थन किया ।
फिलहाल भाजपा को एकमात्र वि्िसनीय विकलप सिीकार करते हुए राजय की अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की जनता को यह भरोसा है कि भाजपा नेतृति वाली आगामी राजय सरकार उनके हितों एवं विकास के लिए ईमानदारी से कार्य करेगी, जिससे देश की विकास यात्रा में वह भी कदम से कदम मिलाकर साथ में चलने के लिए हर समय तैयार रहेंगे । �
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