कवर स्टोरी
करने की क्षमता में सुधार करने में सक्षम होती है । यह एक बहुआयामी, गतिशील प्रहरिया है जो महिलाओं को जीवन के सभी पहलुओं में अपनी पहचान और क्षमताओं को पूरी तरह से अपनाने के लिए सशकत बनाती है ।
सशशकतकरण शबद बहुत वयापक है, जिसमें महिलाओं के कानूनी, सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, मनोवैज्ाहनक और सांस्कृतिक सशशकतकरण सहित सभी प्रकार के सशशकतकरण शामिल हैं । महिलाओं के सशशकतकरण की प्रहरिया में शिक्षा एक महतिपूर्ण भूमिका निभाती है, कयोंकि यह सितंत्रता, आतमहि्िास और जागरूकता को बढ़ािा देती है, साथ ही पुरुषों के साथ समानता प्रापत करने या कम से कम लैंगिक अंतर को काफी हद तक कम करने में सहायता करती है । महातमा गांधी ने कहा था कि जब एक महिला शिक्षित होती है, तो एक परिवार और एक राष्ट्र शिक्षित होता है; जब एक पुरुष शिक्षित होता है, तो एक वयशकत शिक्षित होता है । ऐसे में महिला सशशकतकरण सियं यह
सपष्ट करता है कि सामाजिक अधिकार, राजनीतिक अधिकार, आर्थिक शसथरता, नयाहयक शशकत और अनय सभी अधिकार महिलाओं के लिए समान होने चाहिए ।
इसी दृष्टि को धयान में रखकर मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं के सशशकतकरण और महिला- नेतृति वाले विकास को प्राथमिकता पर रखा है । नारी शशकत वंदन अधिनियम( महिला आरक्षण), उज्िला योजना, सुकनया समृद्धि योजना, और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माधयम से मोदी सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं को आर्थिक आतमहनभ्यरता, सुरक्षा और सममान प्रदान किया है । इन प्रयासों का उद्े्य शिक्षा से लेकर निर्णय लेने तक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है । महिला सशशकतकरण की दृष्टि से नारी शशकत वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई
आरक्षण सुनिश्चत किया गया है । इसी तरह लखपति दीदी योजना के माधयम से सियं सहायता समूहों को मजबूत कर महिलाओं को उद्यमी बनाया जा रहा है । मुद्रा योजना, उज्िला योजना, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और सुकनया समृद्धि योजना जैसी योजनाओं ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की कनयाओं एवं महिलाओं को नई राह दिखाई है । इसी का परिणाम है कि रक्षा और विज्ान जैसे जटिल क्षेत्रों के साथ ही अनय विभिन्न क्षेत्रों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है और वह राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान कर रही हैं ।
महिला आरषिण विधेयक से होंगे कई लाभ
लोकसभा और राजय विधानसभाओं में महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर सीधे तलौर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति
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