दिल्ी दरबार
घर-घर राशन योजना रोकना , कहीं भारी न पड़ जाए भाजपा को
लली सरकार और कें द्र सरकार , दोनों
दिइन दिनों चर्चा में हैं । चर्चा में तो ये दोनों
सरकारें लगातार रहती हैं पर इस बार बात अलग है । एक बेहतरीन योजना , जो दिलली सरकार चलाने की तैयारी कर चुकी थी , उसमें पलीता लगा दिया गया । के जरीवाल सरकार चाहती थी कि जो जरूरतमंद लोग हैं , उनहें उनके घर में ही राशन पहुंचाया जाए । वैसे भी यह कोरोना काल है , तो सरकार की सोच तो अचछी थी । भाजपा को शायद लगा कि अगर के जरीवाल सरकार ने यह योजना शुरू कर दी तो राजय सरकार काफी हद तक लोकप्रिय हो जाएगी । इसलिए , इस पर शक जाहिर किया गया , आशंका जताई गई । पिछले दिनों कें द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉनफ्ें स किया और आशंका जताई कि अगर यह योजना लागू हो जाती है तो इसमें ज़बरदसत घोटाला होगा । रविशंकर प्रसाद ने कहा , “ दिलली सरकार राशन माफिया के नियंत्रण में है । देश के गरीबों को मुफत राशन मिलता है । राशन की
आनंद सिंह
होम डिलीवरी में घोटाले होंगे , कौन जिमरेदार होगा ?” प्रसाद के प्रेस कॉनफ्ें स के बाद पहले डिपटी चीफ मिनिसटर मनीष सिसौदिया ने और बाद में के जरीवाल ने प्रेस कॉनफ्ें स की । दोनों के कथन का लबबोलुआब यह था कि अगर दिलली की जनता को घर बैठे राशन मिले तो कया गलत है ? दोनों का कहना था कि सरकार हर कदम पर उनहें परेशान करती रहती है । सिसौदिया ने तो यहां तक कह दिया कि भाजपा के लोगों को हमें गाली देने के अलावा कोई काम तो है नहीं । हम कोई काम करना भी चाहते हैं तो उसमें लंगड़ी मार दी जाती है । दरअसल के जरीवाल सरकार की इस नई योजना के तहत प्रतयेक राशन लाभा्थी को चार किलो गेहूं का आटा , एक किलो चावल और चीनी अपने घर पर प्राप्त होना था । इसी योजना के जरिये राशन कार्ड उपयोगकर्ताओं के बायोमेपरिक और आधार सतयापन के साथ- साथ राशन की घर-घर डिलीवरी शुरू होनी थी । अब इसमें जिस तरीके से लंगड़ी मारी गई
है उसे देखकर नहीं लगता कि ये योजना कभी मूर्त रूप भी ले सके गी । वासतव में यह योजना के जरीवाल का एक महतवकांक्ी प्रोजेकट है । इसकी तैयारी आज से नहीं बपलक तीन साल पहले से चल रही थी । पहले इस योजना का नाम मुखयरंत्री घर घर राशन योजना रखा गया था । राजय सरकार की बातों पर गौर करें तो 2018 से , दिलली सरकार ने कें द्र सरकार को छह पत्र लिखे और इस योजना के बारे में बताया । यहां तक कि कें द्र सरकार के सभी सुझावों को सवीकृ ति के बाद दिलली सरकार ने 24 मई 2021 को उप राजयपाल को अंतिम सवीकृ ति और योजना के ततकाल लागू के लिए फाइल भेजी थी , लेकिन उप राजयपाल ने फाइल वापस कर दी । उनका तर्क था कि यह योजना दिलली में लागू नहीं की जा सकती । उनका तर्क था कि इस योजना को कें द्र सरकार द्ारा अनुमोदित नहीं किया गया है और यह भी कि योजना के खिलाफ कोर्ट में एक मामला चल रहा है । इनहीं दो तककों के सहारे इस योजना
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