कवर स्टोरी
गुर्वत्ता को मजबूत किया है । शासन, सा्व्यिलनक संसथानों और निर्णय लेने में महिलाओं करी बढ़तरी भागरीदाररी राष्ट् निर्माण में महिलाओं करी बढ़तरी भूमिका को दर्शातरी है ।
मोदरी सरकार करी नरीलतरों ए्वं कार्यकमों के कारण मुखर रूप से दलित, पिछडरी, आलद्वासरी महिलाओं करी भागरीदाररी, उनके लिए अ्वसर और उनके नेतृत्व को बढ़ाने पर धरान केंद्रित किया जा रहा है । यहरी कारण है कि नगरों से लेकर ग्ामरीर क्षेत्ों में रहने ्वालरी महिलाओं को अब महज लाभाथगी के रूप में नहीं देखा जाता । ्वह ल्वकास और प्रगति को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहरी हैं । यह बडा परर्वत्यन िरी्वन चक के सभरी चरणों में लाए गए नए बदला्वों करी मदद से संभ्व हुआ है । आज, पंचायतरी राज संसथाओं में 14.5 लाख से अधिक महिलाएं लन्वा्यलचत प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं, जो कुल का लगभग 46 प्रतिशत है । उनके नेतृत्व ने पेयजल, स्वचछता, पोषण, सकूलों और प्राथमिक स्वास्थर देखभाल जैसे मुद्ों पर धरान
केंद्रित करने को मजबूत किया है ।
नाररी शक्त ्वंदन अधिनियम-2023 को इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम कहा जा सकता है । इस अधिनियम ने लोकसभा और राजर ल्वधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 % आरक्षण प्रदान किया । इससे ल्वधाररी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार हुआ है । ्वास्तव में गत बारह वर्षों में, महिला सशक्तकरण पर मोदरी सरकार द्ारा दिए गए निरंतर धरान करी ्विह से सामाजिक कलरार को एक बुनियादरी सुरक्षा सुल्वधा से नेतृत्व, गरिमा और अ्वसरों को बढ़ा्वा देने ्वाले मंच में बदल दिया गया है । जैसे-जैसे भारत 2047 तक ल्वकसित भारत के लक्र करी ओर बढ़ रहा है, इस यात्ा में हर ्वग्य करी, ्वह चाहे दलित हो या आलद्वासरी या अनर ्वंचित ्वग्य करी महिलाओं करी भूमिका और अहम होतरी जा रहरी है । सभरी क्षेत्ों में महिलाएं कामगारों, उद्लमरों, किसानों, न्वप्र्वत्यकों और नेताओं के रूप में योगदान दे रहरी हैं ।
टेक्ोलॉजी इकोसिसटम में दलित वर्ग की बढ़ती उपकसथवत
पिछले एक दशक में भारत करी पहचान सिर्फ एक बडे डिजि्टल बाजार करी नहीं रहरी, बकलक ्वह ल्वश्व के सामने एक उदरीरमान ्वैश्विक ्टेक-पा्वर बनकर उभरा है । पहले जहां भारत को के्वल इं्टरने्ट प्लेटफॉर्म्स और डिजि्टल से्वाओं के एक ल्वशाल उपभो्ता के रूप में देखा जाता था, ्वहीं आज हमारा देश अपने डिजि्टल पब्लक इंफ्ासट््चर( डरीपरीआई), स्वदेशरी न्वाचारों और दमदार स्टा ्टअप इकोसिस्टम के दम पर पूररी दुनिया में तकनरीक करी दिशा तय कर रहा है । इसका सबसे बड़ा लाभ दलित ्वग्य के उन लोगों को भरी मिलने लगा है, जो बुद्धि और कौशल में अनर किसरी ्वग्य करी प्रतिभाओं से परीछे नहीं है
भारत के उभरते हुए ्टेक्ोललॉिरी और स्टा ्टअप इकोसिस्टम में दलित वर्गीय भागरीदाररी धरीरे-धरीरे लेकिन लगातार ल्वकसित हो रहरी है ।
12 tqykbZ 2026