नहीं रहा बकलक राष्ट् के ल्वकास, महत्वाकांक्षा और भल्वष्र करी संपन्नता में सलकर योगदान कर रहा है ।
एक समय ऐसा था जब भारत के मधर ्वग्य को उसके सतर्क खचयों, सरीलमत ल्वकलपों और छो्टरी महत्वाकांक्षाओं से पहचाना जाता था । लेकिन अब यह ्वास्तविकता बदल चुकरी है । बढ़तरी आय, डिजि्टल पहुंच और फैलते अ्वसरों के साथ हरी आकांक्षाएं उपलब्धरों में बदल रहरी हैं । भारतरीर समाज का यह तबका सरकार के
समर्थन से लगातार सश्त हो रहा है । ्वर्ष 2014 से आयकर छू्ट सरीमाओं में रिकलॉड्ट ्वृद्धि से लेकर िरीएस्टरी सुधारों तक से उसकरी बचत और खर्च करने योगर आय बढ़री है । अब यह मधर ्वग्य जरादा आत्मविश्वास के साथ सश्त होकर भारत करी ल्वकास गाथा के केंद्र में खड़ा है । यह बढ़ता मधर ्वग्य उस ्वैश्विक मांग को नया आकार दे रहा है, जो ्वैश्विक िरीडरीपरी ल्वकास को संचालित करते हैं । स्वचछता, बिजलरी, नल के पानरी और खाना पकाने के
स्वचछ ईंधन तक बढ़री हुई पहुंच ने भारत के दलित-गररीब ्वग्य के साथ हरी मधरम ्वग्य के लिए सुल्वधा और िरी्वन करी गुर्वत्ता में सुधार किया है । गत बारह वर्षों में देश में शिक्षा, कौशल ल्वकास और उद्लमता के अ्वसर काफ़ी बढ़े हैं । इन प्रयासों ने न्वाचार को बढ़ा्वा दिया है, स्वरोजगार को प्रोतसालहत किया है और भारत के मधरम ्वग्य के लिए सामाजिक-आर्थिक उन्नति को मजबूत किया है । पिछले बारह वर्षों के दौरान मोदरी सरकार ने निर्बल, दलित, आलद्वासरी ए्वं ्वंचित ्वग्य के साथ हरी मधरम ्वग्य के उतथान के लिए पूररी तरह से प्रतिबद्ध रहरी है । इसकरी नरीलतरों और सुधारों ने लाखों परर्वारों के लिए रोजमर्रा करी चुनौतियों को आसान बनाया है, जिससे ल्वत्तरीर सुरक्षा, आ्वास करी उपल्धता, स्वास्थर से्वा और कौशल ल्वकास के अ्वसरों में ्वृद्धि दर्ज हुई है । यह सभरी प्रयास भारत करी ल्वकास गाथा में मधरम ्वग्य करी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं ।
कलया् से दलित महिला नेतमृत् वाले विकास तक
2014 से 2026 के मधर भारत ने सभरी क्षेत्ों और संसथानों में ' महिला कलरार ' से आगे बढ़कर ' महिला नेतृत्व ्वाले ल्वकास ' पर धरान केंद्रित किया, जिससे देश में गररीब, दलित, आलद्वासरी ए्वं ्वंचित ्वग्य करी महिलाओं को जिस तरह से ल्वकास करी राह में चलने का अ्वसर मिला है, उसे नाकारा नहीं जा सकता है । सरकार द्ारा अपनाए गए समग् दृकष््टकोण ने स्वास्थर से्वा, शिक्षा, पोषण, आिरील्वका, ल्वत्तरीर समा्वेशन और नेतृत्व के अ्वसरों तक हर ्वग्य करी महिलाओं करी पहुंच को मजबूत किया है । स्वयं सहायता समूहों( एसएचिरी), उद्लमता और डिजि्टल समा्वेशन को बढ़ा्वा देने ्वाले कार्यकमों ने ल्वशेष रूप से दलित, आलद्वासरी ए्वं अनर ्वंचित ्वग्य करी महिलाओं करी आर्थिक भागरीदाररी को उललेखनरीर रूप से बढ़ने का कार्य किया है और स्वचछता, आ्वास, स्वचछ ईंधन और नल के स्वचछ पानरी तक बेहतर पहुंच ने गरिमा, सुरक्षा और िरी्वन करी
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