Jankriti International Magazine Jankriti Issue 27-29, july-spetember 2017 | Page 428

Jankriti International Magazine / जनकृ सत अंतरराष्ट्रीय पसिका ISSN: 2454-2725
' पत्थर हो जाएगी नदी '( 2007), सूयाास्त्र ' धूप के अँधेरे में '( 2008), सूयाास्त्र‘ रेत का पुल’( 2012), अंमतका प्रकाशन
' शेर्ष अनेक '( 2016), कॉपर कॉइन पमब्लमशंग प्रा. मल.
अंग्रेजी में अनुवामदत कमवता संग्रह-
' With Eyes Closed '( मद्वभार्षी संग्रह, अनुवादक- लूसी रोजेंश्ताइन) 2008‘ Poems’( मद्वभार्षी संग्रह, अनुवादक- बन ाडा ओ डोनह्यू और लूसी रोज़ेंश्ताइन) 2011
२१)
रमेश पटेल मिटेन मे बसे भारतीय मूल के महंदी लेखक है । वर्षा 2006 में अपने जीवन के 70 वर्षा पूरे करने वाले रमेश पटेल प्रेमोमी मिटेन में भारतीय संगीत और कला के सच्चे राजदूत माने जा सकते हैं । `नव कला ' नामक संस्था की स्थापना कर लंदन में भारतीय कलाकारों को अपनी कला का प्रदशान करने का मौका दे चुके हैं । उनका रमचत काव्य संग्रह `हृदय गंगा ' नौ भार्षाओंमें प्रकामशत हो चुका है । उसके अमतररक्त उनका एक गीत संग्रह भी प्रकामशत हुआ है । रमेश पटेल के गीतों में प्रेम एवं भमक्त रस की प्रधानता है ।
समान अमधकार रखती हैं । उनके लेखन का कै नवस अत्यंत मवस्तृत है । उनकी कहामनयां मानव मन की सूक्ष्म अमभव्यंजना प्रस्तुत करती हैं तो कमवताएं अपनी एक मवशेर्ष छाप छोड़ती हैं । उनके लेखन में बनारस की ताज़गी और मिटेन की समझ दोनों की झलक देखी जा सकती है । उनका एक कहानी संग्रह ' ध्रुवतारा ' और एक कमवता संग्रह ' सममधा ' प्रकामशत हो चुका है ।
प्रकामशत कृ मतयाँ
कहानी-संग्रह:' ध्रुव-तारा ' काव्य-संग्रह ' सममधा ' व ' नेमत-नेमत '
२३)
सत्येन्द्र श्रीवास्तव मिटेन मे बसे भारतीय मूल के महंदी लेखक है । युनाइटेड मकं गडम में महन्दी के वररष्ठतम लेखक हैं । कमवता, नाटक एवं लेख उनकी मप्रय मवधाएं हैं । महन्दी के अमतररक्त उनके तीन कमवता संग्रह अंग्रेजी भार्षा में भी प्रकामशत हो चुके हैं । सत्येन्द्र श्रीवास्तव ने टोरोंटो एवं लंदन मवश्वमवद्यालयों में अध्यापन के बाद पच्चीस वर्षों तक के मम्िज मवश्वमवद्यालय में महन्दी सामहत्य पढ़ाया है । के मम्िज मवश्वमवद्यालय से सेवा मनवृमत्त के पश्र्चात सत्येन्द्र श्रीवास्तव ने दमक्षि अफ्रीका, जापान, के न्या, जामम्बया आमद देशों की यात्रा करते हुए वहां व्याख्यान मदये हैं व कमवता पाठ मकये हैं ।
२२)
सत्येन्द्र श्रीवास्तव के लेखन की एक मवशेर्षता यह भी
शैल अग्रवाल( जन्म २१ जनवरी १९४७)[ 1 ]) मिटेन
है मक उनका लेखन के वल नॉस्टेलमजक सामहत्य नहीं
मे बसी भारतीय मूल की महंदी लेखक है । उनका जन्म
है । वे के वल भारत के साथ भावनात्मक ररश्तों को ही
बनारस में हुआ था । वे गद्य एवं पद्य दोनों मवधाओं में
नहीं भुनाते, वे युनाइटेड मकं गडम की राजनीमतक,
Vol. 3, issue 27-29, July-September 2017.
वर्ष 3, अंक 27-29 जुलाई-सितंबर 2017