हरी इस कानून से उनके किसरी अधिकार का अतिक्रमण होगा । देश के संल्वधान निर्माताओं ने हर व्यसकत को अपने मूल धर्म में सममान के साथ जरीने का अधिकार लद्या है और लोभ, लालच और जबरदस्ती से कोई किसरी का धर्म परर्वत्षन नहीं करा सकता ।
जनजातरी्य समाज में अ्वैध धमाांतरण के मुद्े को सं्वेदनशरील बताते हुए समागम में जनजातरी्य सुरक्षा मंच के राषट्री्य सं्योजक गणेश राम भगत ने कहा कि जनजालत्यों में धमाांतरण तेजरी से बढ़ रहा है, जो जनजातरी्य समाज के‘ कैंसर‘ करी तरह है । अ्वैध धमाांतरण के मुद्े पर राषट्री्य सह सं्योजक डा. राज किशोर हांसदा ने भरी सपषट कर लद्या कि अ्वैध धमाांतरण कभरी
भरी स्वरीकार नहीं लक्या जा सकता क्योंकि अगर धर्म बदला तो जनजातरी्य संस्कृति हमेशा के लिए समापत हो जाएगरी ।
ऐतिहासिक समागम में ्वन्वासरी कल्याण
आश्म के राषट्री्य अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने भग्वान बिरसा मुंडा को सभरी जनजालत्यों का भग्वान रूपरी आदर्श पुरुष बताते हुए कहा कि उनहोंने धमाांतरण को रोकने और जनजातरी्य समाज करी भूमि को बचाने के लिए संघर्ष लक्या । समागम में ल्वलशषट अलतलथ्यों के रूप में राषट्री्य सं्योजक, जनजाति सुरक्षा मंच( जशपुर-छत्तीसगढ़) गणेशराम भगत, जनजाति सुरक्षा मंच ए्वं जनजाति जागृति समिति के आ्योजक, राषट्री्य सह सं्योजक( जनजाति सुरक्षा मंच, झारखणड) डा. राजकिशोर हांसदा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ल्वषणु दे्व साई, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझरी, दिल्ली करी मुख्यमंत्री रेखा गुपता, ्वन्वासरी कल्याण आश्म के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, उपाध्यक्ष तेचरी गाल्वन, हर्ष चौहान, शांताराम सिद्दी, प्रकाश उइके, हरीरा कुमार नागू, बल्वंत भाई रा्वत, महेश भगचंदका, कल्वता राउत और बुध्री तातरी सहित ्वरिष्ठ जनजातरी्य नेता, साधु-संत सहित अन्य गणमान्य लोग उपससथत रहे ।
जनजाति सांस्कृतिक समागम में दिल्ली पहुंचे लाखों जनजातरी्य लोगों में अधिकतर ने अपनरी
जिंदगरी में पहलरी बार रेल करी ्यात्ा करी । प्रककृलत करी गोद में हरे-भरे जंगलों के बरीच ससथत अपने लन्वास सथान से बाहर निकलकर पहलरी बार दिल्ली आए जनजातरी्य समाज के लोगों के लिए राजधानरी के ऊंचे-ऊंचे भ्वन, लंबरी-चौडरी सड़कें, भागते-दौड़ते ्वाहन और आम लोगों करी भरीड, अचरज का ल्वर्य थरी, लेकिन भरीरण गमवी के बा्वजूद सकारातमक और जरी्वंत ऊर्जा से परिपूर्ण लोग सनातन जनजातरी्य संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए उतसाह से भरे हुए दिखाई दिए ।
जनजाति सांस्कृतिक समागम के भव्य आ्योजन में देशभर के जनजाति समाज करी सांस्कृतिक अससमता, आसथा और पारंपरिक जरी्वन मूल्यों करी झांकरी को देखकर सभरी अभिभूत हो गए । समागम को सफल ए्वं सुव्य्वससथत बनाने में दिल्ली पुलिस तथा सथानरी्य प्रशासन करी भूमिका को अनदेखा नहीं लक्या जा सकता है, जिसके कारण किसरी को भरी कहीं असुल्वधा का सामना नहीं करना पड़ा । आ्योजन में देशभर के जनजातरी्य समाज करी सांस्कृतिक अससमता, आसथा और पारंपरिक जरी्वन मूल्यों करी झांकरी को सभरी ने देखा । �
twu 2026 27