अन्य सदस्य उससे सहमत हैं, और
( घ) क्या व्यसकत रकत समबसनध्यों में से, ्यलद जरील्वत हो, कम से कम एक सदस्य ने, जो उससे अधिक उम्र का है, लिखित सहमति प्रदान करी है?
5. धर्म परर्वत्षन करी घटना करी प्रलक्र्या में सहा्यता करने ्वाला व्यसकत ्याः प्राधिकाररी, निम्नलिखित मामलों में ऐसे धर्म परर्वत्षन का सम्य और सथान उपदर्शित करते हुए जिला कलेकटर को संसूचना देगा ।
( क) जहां व्यसकत अनुसूचित जाति / जनजाति समाज का हो,
( ख) जहां व्यसकत के पास कम से कम कक्षा 10 तक करी शैक्षिक अर्हता न हो
6. जिला कलकटर जैसा कि लन्यम-( 4) के अधरीन आ्वेदन करी प्रासपत पर ्या ऊपर निदिषट लन्यम( 5) के अनुसरण में संसूचना करी प्रासपत पर ऐसे धर्म परर्वत्षन के लिए एक
संप्रेक्षक / साक्षरी लन्युकत करेगा, जो उस धर्म का लसल्वल से्वक होगा, जिस धर्म के लिए उकत धर्म परर्वत्षन होना है ।
7. ऐसा कोई व्यसकत, जो इस लन्यम के किसरी उपबंध का उललंघन करता है, 1000 रूपए प्रतिदिन के जुर्माने से दंडनरी्य होगा, जिसे दंड प्रलक्र्या कलेकटर संहिता में ल्वलहत शिका्यत प्रलक्र्या के अनुसार अधिरोपित लक्या जाएगा और जिसे जिला कलेकटर ्या उसके नाम लनददेशितरी के कहने पर संससथत लक्या जाएगा ।
8( क) जिला कलेकटर राज्य सरकार को तरीन मास में एक बार और सरकार को ्वर्ष में एक बार आ्वलधक रिपोर्ट प्रसतुत करेगा, जिसके अंतर्गत उसकरी अधिकारिता का संपूर्ण क्षेत् होगा ।
( ख) ऐसरी प्रत्येक रिपोर्ट, ्यथाससथलत, ल्वधान सभा ्या संसद के समक्ष रखरी जाएगरी ।
अ्वैध धर्मानतरण पर अंकुश लगाने के लिए प्रस्तावित कानूनरी रूपरेखा एक सखत, व्य्वहारणरी्य ए्वं उप्योगरी कानून बनाने करी आ्वश्यकता को पूर्ण रूप से इंगित करतरी है । अ्वैध धमाांतरण को रोकने के लिए ्वत्षमान में भारत के बारह राज्यों में अपने-अपने कानून लागू हैं । इसके बाद भरी अ्वैध धर्मानतरण पर रोक नहीं लग पा रहरी है और ल्वलभन्न राज्यों में ईसाई मिशनरर्यां ए्वं मुससलम जमात तंत् सलक्र्यता के साथ अ्वैध धमाांतरण कराने में लिपत है । अ्वैध धमाांतरण के कारण उतपन्न होने ्वाले ल्व्वाद ए्वं सामाजिक समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन के लिए एक जटिल समस्या का रूप ले चुका है । धमाांतरण समबन्धी कानूनों का उपहास उड़ाते हुए अ्वैध धर्मानतरण से समबंलधत समाचार प्रा्यः प्रमुखता के साथ समाचार पत्ों में दिखाई देते हैं ।
हाल हरी दिल्ली में संपन्न हुई जनजातरी्य सांस्कृतिक समागम में आए जनजातरी्य समाज के लोगों ने भरी अ्वैध धमाांतरण को सख्ती के साथ रोकने, धमाांतरित लोगों को अ्वैध रूप से उ्ठाए जा रहे सरकाररी-गैर सरकाररी लाभों से ्वंचित करने ए्वं सामान नागरिक संहिता को लागू करने करी मांग को प्रमुखता से उ्ठा्या । जनजातरी्य लोगों का मानना है कि देश में ऐसा कानून होना चाहिए, जो गररीब ्वग्ष, जनजातरी्य ्वग्ष, दलित ्वग्ष के साथ हरी कमजोर ्वग्ष के लोगों को धन, नौकररी ्या स्वासथ्य सहा्यता का लालच देकर कराए जाने ्वाले अ्वैध धमाांतरण को रोकने में पूर्ण रूप से सक्षम हो, साथ हरी अ्वैध धमाांतरण के कारण होने ्वाले सामाजिक तना्व और ल्व्वाद पर अंकुश लगाकर सामाजिक शांति ए्वं सौहार्द को बनाए रखने में मदद कर सके ।
पूर्ण ल्वकसित देश करी श्ेणरी में आने करी ओर बढ़ रहे देश में सुरक्षा और न्या्य करी दृसषट से अ्वैध धमाांतरण को रोकने के लिए अब एक सखत ए्वं प्रभा्वरी कानून बनाकर लागू करने का सम्य आ ग्या है और उपरोकत कानूनरी रूपरेखा इस दिशा में अपनरी महत्वपूर्ण भूमिका का लन्व्षहन कर सकतरी है । �
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