अ. भा. जनजाति सांस्ककृतिक समागम विशेषांक
करना चाहिए कि केंद्र के सथान पर अधतानतः आर्थिक निबंधनों में भाररी शाससत अधिरोपति करी जानरी चाहिए, जिससे ्यह बलपू्व्षक धर्म- परर्वत्षनों के लिए एक ्वास्तविक लन्वारक के रूप में का्य्ष करे ।
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का धर्म परर्वत्षन( प्रतिषेध और अनुमोदन) लन्यम-2002
केन्द्री्य सरकार भारत के संल्वधान के अनुचछेद-15( 4), 25, 46, 61( क) और अनुसूचरी-5 और 6 के साथ पल्ठत अनुचछेद-73 और अनुचछेद-256 द्ारा प्रदत् शक्तियों का प्र्योग करते हुए निम्नलिखित लन्यम बनातरी है अर्थात-
1. संक्षिपत नाम और प्ारमभ
( i) इस लन्यम का संक्षिपत नाम अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के सदस्यों का धर्म
परर्वत्षन( प्रतिषेद्ध और अनुमोदन) लन्यम- 2002 है । ्यह उस ताररीख को प्र्वृत् होंगे, जिसे केन्द्री्य सरकार राजपत् में अधिसूचना द्ारा लन्यत करें ।
2. परिभाषाएं
इस लन्यम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न
( क) धर्म परर्वत्षन से धर्म परर्वत्षन ्या पुनः धर्म परर्वत्षन अभिप्रेत है और इस पद में ऐसरी सभरी घटनाएं ससममलित हैं ।
( ख) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति पदों का ्वहरी अर्थ होगा जो उनका क्रमशः अनुचछेद-366 के खंड( 24) और( 25) में है और जिस रूप में भारत के उच्चतम न्या्याल्य द्ारा उसका लन्वा्षचन लक्या ग्या है,
( ग) जिला कलकटर में किसरी जिले का उपा्युकत भरी ससममलित है ।
( घ) ्यलद कोई व्यसकत ्या परर्वार धर्म परर्वत्षन के पहले के मूल धर्म में ्वापस आना चाहे तो उसे लन्यम चार करी आ्वश्यकता नहीं होगरी ।
3. जिला कलेकटर करी लिखित अनुमति के अभा्व में अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के सभरी मामलों में एक धर्म से दूसरे धर्म में परर्वत्षन पूर्णतः प्रतिषेद्ध होगा ।
4. जिला कलेकटर के्वल पक्षकार के ऐसे आ्वेदन पर जिसमें एक शपथ पत् द्ारा समर्पित उसकरी सहमति उपदर्शित हो और निम्नलिखित सत्यापित करने को पशचात धर्म परर्वत्षन करी अनुज्ञा देने ्वाला आदेश पारित कर सकेगा कि
( क) क्या व्यसकत अनुसूचित जाति / जनजाति समाज का है?
( ख) क्या व्यसकत के पास कम से कम कक्षा 10 तक करी शैक्षिक अर्हता है?
( ग) क्या व्यसकत पर आलश्त परर्वार के
24 twu 2026