को अनुरुप भरी है कि अनेक जालत्यों और जनजालत्यों को संल्वधान के प्र्योजनों के लिए अनुसूचित जालत्यों और अनुसूचित जनजालत्यों के रूप में घोषित लक्या जा रहा है और अनुचछेद-244 के अधरीन सरकार द्ारा ऐसरी घोषणा करी ताररीख से ्यथाससथत ऐसरी जालत्यां ्या जनजालत्यां उस जाति और ्या जनजाति के रूप में नहीं रहेगरी और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजालत्यों के सं्वैधानिक रूप से संरक्षित ्वग्ष करी होगरी । इस प्रकार उपरोकत क्रम में सुझा्या ग्या संरक्षण संप्र्वत्षन / पुनः संप्र्वत्षन के मामले में चाहे बलपू्व्षक हो ्या अन्यथा व्यक्तियों के सं्वैधानिक रूप से संरक्षित वर्गों अर्थात अनुसूचित जालत्यों और अनुसूचित जनजालत्यों के संरक्षण के लिए संल्वधान के किसरी उपबंध का कोई उललंघन किए बिना बना्या रखा जा सकता है ।
11. इस प्रकार के उपबंध के समान उपबंध
संल्वधान करी अनुसूचरी-5 में उपलबध है । जिसमें खंड( 3) ्यह घोषित करता है कि संघ को उन क्षेत्ों के प्रशासन के बारे में राज्य को लनददेश देने करी सरीमा तक का्य्षकाररी शसकत और खंड( 5) का उपखंड-2 राज्य मे किसरी क्षेत् करी शसकत और अचछे शासन के लिए लन्यम बनाने के लिए राज्यपाल को सशकत करता है जो ततसम्य कोई अनुसूचित क्षेत् है । ्वसतुतः ्यह सत्य है कि ्यह उपबंध घोषित अनुसूचित क्षेत्ों में रह रहरी अनुसूचित जालत्यों को हरी प्रभाल्वत करेगा । जो ऊपर दर्शित लक्या ग्या है ्वह के्वल दुषटानत के रूप में है कि ऐसा कोई लन्यम जाररी और प्रख्यापित लक्या जा सकता है, जिसमें राज्य के लिए ्यह लनददेश हो कि उन क्षेत्ों में अनुसूचित जालत्यों के व्यक्तियों करी सं्वैधानिक रूप से संरक्षा करी जा सकतरी है ।
12. ्यहां तक कि उपनिदेशरी्य शासन काल में, लरिटिश सरकार ने जब ्यह पा्या कि
जनजालत्यों करी भूमि का बड़ी मात्ा में हसतांतरण हो रहा है तो उनहोंने ऐसरी किसरी व्यसकत को जो उस जनजाति का न हो, भूमि हसतांतरण का प्रतिषेद्ध करके इसे रोकना चाहा और उस मामले में जहां कतिप्य परिस्थितियों के कारण ऐसा कोई हसतांतरण आ्वश्यक हो जाता है, तब जिला कलेकटर से पू्व्ष अनुज्ञा प्रापत करने का अनुबंध आ्वश्यक लक्या ग्या था । इसमें ऊपर दिए गए सुझा्व भरी समान प्रककृलत के हैं कि जब एक व्यसकत द्ारा ल्व्वेक करी स्वतंत्ता का प्र्योग, उस सम्य दूसरे व्यसकत करी ल्व्वेक करी स्वतंत्ता का हनन करने करी चेषटा करता है, जब पहला व्यसकत बल ्या लोभ का उप्योग करता है तो उस सम्य हमारे संल्वधान के अधरीन संरक्षित अनुसूचित जालत्यों और अनुसूचित जनजालत्यों करी सुरक्षा के लिए जिला कलेकटर से सदा हरी अनुज्ञा लरी जाए और उसे सूचना दरी जाए ।
13. निषकर्ष में मुझे अ्वश्य हरी ्यह कथन
twu 2026 23