eMag_July 2023_DA | Page 36

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अल्पसंख्यकों के साथ कथित भेदभाव के एजेंडे को आगे बढाने की कोशिश

ए . सूर्यप्रकाश dq

छ छद्म पंथनिरपेक्तावादी और प्रधानमंत्ी मोदी के अंधविरोधी भारत में मुशसलमों की शसथलत को लेकर दुषप्रचार करते रहते हैं । ऐसे लोगों को बीते दिनों किसी और ने नहीं , बशलक मुशसलम वलडटि लीग के महासचिव डा . मुहममद बिन अबदुलकरीम अल ईसा ने आईना दिखाकर उनके दुषप्रचार की हवा निकाल दी ।
लव्वलवखयात इसलालमक विद्ान अल ईसा ने भारतीय लोकतंत् , बहुलतावाद और भारतीय संविधान के आधारभूत मूलयों की भूरि-भूरि प्रशंसा कर दुनिया को भारत से सीखने की सलाह दी । चूंकि यह लव्व में मुशसलमों का प्रतिनिधितव करने वाली संसथा के मुखिया ने कहा है तो इसके गहरे निहितार्थ हैं । इससे भारत विरोधी ताकतों का वह कुशतसत अभियान नाकाम होगा , जिसमें वे पूरी दुनिया में भारत की गलत तसवीर दिखाते हैं कि यहां मुशसलमों के साथ अनयाय हो रहा है ।
अल ईसा की बातें असल में भारत में मुशसलमों को प्रापत सवतंत्ता और देश के सभी नागरिकों विशेषकर अलपसंखयकों को मिलने वाले अवसरों एवं अधिकारों की वासतलवकता को दर्शाती हैं । अल ईसा इससे पहले सऊदी अरब में नयाय मंत्ी रहे हैं । उनहें इसलाम की एक प्रामाणिक आवाज माना जाता है । वह इसलालमक हलाल आगदेनाइजेशन के अधयक् भी हैं । वह इसलाम को उदार बनाने , विभिन्न मानयताओं के साथ संवाद करने और सौहार्द के हिमायती हैं ।
इसलालमक जगत में अल ईसा की अहमियत को इसी तथय से समझा जा सकता है कि दो पलवत् मशसजदों के संरक्क सऊदी अरब के सुलतान ने उनहें जुलाई 2022 में हज के अवसर पर दिया जाने वाला संदेश देने के लिए चुना । उस संबोधन में अल ईसा ने संयम की सलाह देते हुए मुशसलमों से मतभेद एवं शत्ुता भाव से बचने को कहा था ।
भारत दौरे पर अल ईसा ने कई संगठनों के
साथ संवाद किया । यहां कई प्रखयात हिंदू धार्मिक गुरुओं से भी उनकी गहन चर्चा हुई । उनहोंने भारत के प्रति लव्व की सबसे प्राचीन सभयताओं में से एक होने के नाते ककृतज्ता प्रक्ट करते हुए कहा कि भारतीय दर्शन में लव्व के समक् लवद्मान समसयाओं के समाधान की क्मता है । हिंदू धर्म गुरुओं के साथ चर्चा में उनहोंने पलवत् कुरान को लेकर भी पक् रखा । उनहोंने कहा कि ‘ विभिन्न धर्मगुरु अपने राजनीतिक एजेंडे की
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