eMag_Jan 2021_Dalit Andolan | Seite 25

हिनदुओं के धमाांतरण का सिलसिला आज भी जारी है और इसका बड़ा शिकार दलित वर्ग की जनता हुई है ।
राजनीति की आड़ में मजहब , चर्च और वामपंथी नेताओं की कारगुजारियों से त्सत हिनदुओं ने दिसंबर , 2020 में तीन चरणों में संपन्न निकाय चुनावों में भाजपा के लिए मतदान करके भविषय के सपषट संकेत दे दिए हैं । आगामी विधानसभा चुनाव में वामपंथी राजनीति कको प्रतिउत्र देने के लिए भाजपा लगातार सवरिय है । एलडीएफ और कांग्रेस की अगुआई वाले यदूिीएफ सुनियकोवजत ढंग से सत्ा हासिल करके आम जनता कको ठगने का काम करती आ रही हैं । वामपंथी कंधों पर बैठकर कांग्रेस राजय में अपना अबसतति बचाने में लगी हुई है । ऐसे में पहली बार भाजपा कको दको नगरपालिकाओं में पदूण्स बहुमत हासिल करना , पाटटी की नीति और नियत कको सामने रखने के लिए काफी है । सबका साथ- सबका विकास के मंत् पर काम कर रही पाटटी कको जिस तरह से ईसाई समुदाय का समर्थन मिल रहा है , उससे राजय में नए समीकरण बनने के बसरवत पैदा हको रही है । पाटटी राजय में अपने संगठन कको मजबदूत करने के लिए दिन-रात काम कर रही है । वामपंथी अपने वजदूद कको बचाने की ककोवशश में राषट्रीय सियंसेवक संघ , अखिल भारतीय विद्ारटी परिषद और भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले करके जुटे हैं । राजय में िषषों से जारी राजनीतिक हिंसा के अधिकांश शिकार वही तथाकथित निर्धन , निर्बल , दलित और पिछड़े लकोग बने हैं , जको कभी कट्टर वामपंथी थे , लेकिन वामपंथ की असलियत और खकोखलेपन कको देखकर वह संघ परिवार से जुड़ गये थे । ऐसे में भाजपा का बढ़ता जनाधार यह दर्शाता है कि आम जनता विकास , सुरक्ा और अबसमता के प्रश्न पर अब ककोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं है । आगामी विधानसभा चुनाव के परिणाम राजय में बदलाव की नयी कहानी लिखेंगे , ऐसा सपषट रूप से दिखने लगा है । �
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