eMag_Jan 2021_Dalit Andolan | Page 10

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वामपंथी नव-बौद्ध भगवान बुद्ध को लेकर फै ला रहे हैं भ्रम

अरुण लवनिया

सलाम और ईसाईवादी नव-बौद्ध भाषा

विज्ानविद् यह सिद्ध करने में जुटे हैं कि वेदादि ग्रंथ बुद्ध के बाद अबसतति में आए
और सर्वप्रथम पाली भाषा में लिखे गये । बाद
में ब्ाह्मणों ने पाली भाषा सीखी और फिर इनका अनुवाद संस्कृत में किया । दलितों कको सफलतापदूि्सक भ्रमित करके बरगला रही यह साजिश डा . भीम राव आंबेडकर के नाम पर रचकर प्रचारित की जा रही है । झदूठ कको सच
सिद्ध करने में जुटे कथित नव-बौद्ध की पकोल िषषों पहले बाबा साहब डॉ आंबेडकर ने सियं खकोल कर रख दी थी ।
डॉ आंबेडकर ने अपनी पुसतक ' बुद्ध और उसका धमम ' के प्रथम कांड , प्रथम विभाग ,
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