धन का उपयोग किस प्रकार और कहां होता है ? इसका कोई सप्ट उत्तर प्रापि नहीं होता है ।
द्हन्दू द्हतों पर अप्तक्रमण
भारत में मुससिम जनसंखया लगभग 15 प्रतिशत है । परंपरा की आड़ में हलाल तंत् को पूरे देश में अघोषित रूप से लागू किया गया है । इसका दु्परिणाम देश की 85 प्रतिशत हिनदू एवं गैर मुससिम समाज को भुगतना पड़ रहा है । वयवसाय की दृष्ट से गैर मुससिमों पर हलाल वयवसथा को थोप दिया गया है । मजहबी आसथाओं को पूरा करने के लिए गैर मुससिमों पर दबाव बनाया जा रहा है । इसिाम में सुअर का मांस हराम होने से केवल उसे छोडकर अनय सभी प्रकार के मांस का वयापार मुससिमों के हाथ में है । इससे पहले ही निर्धन और पिछडा खटिक समाज आर्थिक रूप से धवसि होने की कगार पर आ गया है । हलाल और हराम की आड़ में हर वसिु को मजहबी ढंग से इस तरह
हलाल तंत्र से खटिक वर्ग के सामने रोजी- रोटी का संकट
से रंगा जा रहा है , जिसका पहला और अंतिम लक्य सिर्फ इसिाम का प्रचार-प्रसार और लाभ है । देश में ऐसे कई मुससिम संसथान देखे जा सकते हैं , जहां गैर मुससिमों को रोजगार पर नहीं रखा जाता है । ऐसे में देश के अंदर सिर्फ 15 प्रतिशत जनता के लिए थोपी गयी हलाल प्रमाणपत् वयवसथा पर अंकुश लगाना बहुत आवशयक हो गया है । सुनियोजित रूप से हलाल का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है । गैर मुससिमों पर लगभग हर वसिु को प्रमाणित करवाने का दबाव कि वजह से अर्थ वयवसथा के बहुत बड़े हिससे से गैर-मुससिम कारोबारी एवं श्तमक बाहर होते जा रहे हैं । ऐसे में मोदी सरकार की मांस के वयवसाय में हलाल की बाधयिा को समापि करने की पहल गैर मुससिम जनता के लिए राहत लेकर आयी है । उममीद है कि मोदी सरकार हलाल वयवसथा के नाम पर बनाये जा रहे मजहबी दबाव को समापि करने के लिए ि्द ही कोई कारगर और ठोस कदम उठाएगी । �
हलाल तंत् का सर्वाधिक नकारातमक परिणाम मांस का वयापार करने वाले हिनदू वर्ग पर देखा जा सकता है । हिनदुओं में खटिक वर्ग के पास पशु वध और मांस के वयापार के माधयम से अपना और परिवार का जीवकोपार्जन हजारों वरषों से करता आ रहा है । प्राचीन वैदिक काल में यज् बलि का कार्य रिह्मण करते थे । वेदोत्तर काल में बलि कर्म के लिए एक अलग बलि कर्म करने वाले रिाह्मण कि भूमिका थी , जिसे बलि देने वाला रिह्मण अथवा खट्टिक कहा जाता था । ऋगवेद में लकड़ी काटने वाले रिाह्मण , खेती करने वाला रिाह्मण , पशुपालन करने वाला रिाह्मण , मंत्ोच्ार करने वाला रिाह्मण , होता रिाह्मण इतयातद के साथ ही बलि देने वाले रिाह्मण का उ्िेख है । वर्तमान समय में खटिक वर्ग को पिछड़ी जाति के अंतर्गत रखा जाता है , लेकिन
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