eMag_Dec 2020_Dalit Andolan | Page 19

आपराधिक सरकार केंद्रीय अनुसूहचिि जाति एवं जनजाति
मुस्लिम वोट की सनक

आपराधिक सरकार केंद्रीय अनुसूहचिि जाति एवं जनजाति

आयोग के अधयक् के रूप में 2003 में जब राजय का आधिकारिक रूप से मैंने दौरा किया था , उस समय भी वाममोचिा्य सरकार ने दलित और आदिवासी समाज के विरुद्ध होने वाली हिंसक घटिनाओं के समबनध में कोई कदम नहीं उठाये थे । यह जानकर मैंने राजय सरकार को एक आपराधिक सरकार कहा था । इसका कारण यह था कि सविंत्रता के बाद से ही राजय में अनुसूहचिि जाति और जनजाति के वर्ग के क्याण के लिए पृथक सरकारी विभाग बनाने की मांग की जा रही थी । 67 साल बाद भी यह मांग लंबित है और इस समबनध में राजय की किसी भी सरकार ने धयान देने की जरुरत नहीं महसूस की । इसका नकारातमक परिणाम अनुसूहचिि जाति और जनजाति की जनता को भुगतना पड़ा है और आज भी भुगत रहे हैं ।
दलित के विरुद्ध राजय में आपराधिक वारदातें तेजी से बढ़ रही हैं । शस्हि इतनी भयावह हो गई है की यहां पर पुलिस और नयायपालिका को सुचिारू रूप से संचिालित करने तक में मुश्कलें
पेश आ रही हैं । जिसकी वजह से पश्चिम बंगाल की पिचिान एक विफल राजय के रूप में बन गई है । राजय में दलितों की शस्हियों को लगातार अनदेखा करने वाली मुखयमंत्री ममता बनजजी अ्छी तरह से जानती हैं कि चिुनाव में उनकी जीत के पीछ मुशसलमों का बिा हाथ है । इसलिए उनिोंने मुसलमानों को हर तरह की छूटि दे रखी है । ममता का समीकरण बहुत सरल है , मुसलमानों को लुभाओ और चिुनावी जीत अपने पाले में कर लो । राजय में दलित और आदिवासी समाज उतपीडन को झेलने के लिए मजबूर है । वाममोचिा्य के जिस मुशसलम और गु ंडाराज का सामना दलित समाज करता था , यही मुशसलम और गुंडाराज अब ममता बनजजी की सत्ा का आधिकारिक अंग बन चिुका है । तृणमूल की सत्ा का विरोध करने वाली दलितों की हतया और उतपीडन की तरफ से ममता ने आँख बंद कर रखी है । ऐसे में सवाल उठना सवाभाविक है कि यह सिलसिला कब तक चिलेगा ?

मुस्लिम वोट की सनक

सरकारी योजनाओं के लाभ से वंहचिि किए
गए दलित समाज के लिए राजय में मुशसलम जनसंखया में हुई बढ़ोत्री भी नए संकटि का कारण बन चिुकी है । ग्ामीण क्ेत्रों में मुशसलमों की बढ़ी जनसंखया की वजह से सैकड़ों ग्ाम मुशसलम बहुल हो गये हैं । जनसंखया में अधिक होने के कारण मुशसलम आबादी इन ग्ामों में रहने वाले दलित समाज की भूमि और खेतों पर क्जा कर लेते हैं , उनके पालतू पशुओं को चिुरा लेते हैं , विरोध करने पर घरों को आग के हवाले कर दिया जाता है , महिलाओं और बेहटियों के साथ बलातकार की वारदातों को अंजाम देते हैं । इसकी वजह से दलितों और आदिवासियों अपने मूल स्ानों से पलायन करना पि रहा है । राजय में मुशसलम कट्टरपंथियों पर कोई लगाम नहीं है और राजय पुलिस का अतयहधक राजनीतिकरण होने के कारण मुशसलमानों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज नहीं की जाती है ।
हाल के वर्षों में ममता बनजजी ने अपनी तानाशाही में मुशसलम तुष्टिकरण के नाम पर हिंदुओं के खिलाफ कई ऐसे कदम उठाए हैं , जिससे लगता है कि वे पश्चिम बंगाल को
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