Basant 10 Feb 3013 | Seite 20

Kunwarani Madhu Singh

‎***मधुमास***

देखो देखो मधुमास आ गया

सबके दिलों पर छा गया

माँ शारदे के दिन से ही

उत्सव बसंत ऋतू आ गया

मौसम पतझड़ का चला गया

प्रकृति पर बहार आने लगी

सभी फूलों और वृक्षों पर भी

नईं नईं कोंपल मुस्कुराने लगी

खेतों में गिरती ओंस की बूंदों पर

गेहूं की बालियाँ लहराने लगी

चारों तरफ फैली हरियाली

मानो नया सवेरा लगने लगी

रंग बिरंगे फूल खिलने लगे

तितलियाँ मदमस्त होने लगी

फूलों का मधु-रस पीकर भौरें

मधुर गुंजार अब करने लगे

प्रकृति का सुन्दर नजारा है

चारों और रंग अपना बिखेरा है

बहती शीतल मदहोश पवन,

मीठी सुगंध अब फ़ैलाने लगी

मधुमास में सब पर यौवन छा गया

बच्चे-बूढों में भी रक्त संचार हो गया

मन प्रफुल्लित,आनंदित है सभी के

उत्सव बसंत ऋतु का आ गया.....

***कुंवरानी मधु सिंह***