August 2026_DA | Page 27

अवसर

पिछलबे एक दशक मेें भारत का नवउद्यमे परिदृ्चय तबेजी सबे ्बदला है । जपून 2026 तक दबेश मेें 2.30 लाख सबे अधिक मेान्यता प्राप्त नवउद्यमे ्लथीावपत हो चुके हैं । सरकार के अनुसार इनसबे 23.36 लाख सबे अधिक प्रत्यक् रोजगार सृजित हुए हैं । भारत आज दुनिया के स्बसबे ्बड़़े नवाचार केंद्रों मेें शावमेल है और ्बड़ी संख्या मेें नए उद्यमे छोऱ्े शहरों सबे भी उभर रहबे हैं । यह पररितरान केवल आवथीराक नहीं, ्बक््कक सामेाजिक ्बदलाव का भी संकेत है ।
अनुसपूवचत जाति और अनुसपूवचत जनजाति समेुदाय के लिए यह ्बदलाव विशबेष मेहत्ि रखता है । लं्बबे समेय तक यह िगरा मेुख्य रूप सबे नौकरी पानबे तक सीवमेत मेाना जाता थीा, लबेवकन अ्ब सरकार की विवभन् योजनाओं नबे इन्हें रोजगार मेांगनबे वाला नहीं, ्बक््कक रोजगार दबेनबे वाला ्बननबे का अवसर दिया है । मेुद्रा योजना, ्लर्ैंड-अप इंडिया, प्रधानमेंत्री वि्चिकमेारा योजना, सरकारी खरीद मेें अनुसपूवचत जाति-जनजाति उद्यमियोों को प्रोत्साहन, डिवजर्ल भुगतान व्यि्लथीा और सरल पंजीकरर् प्रवरिया नबे हजारों नए उद्यमियोों को आगबे आनबे का अवसर दिया है ।
्लर्ैंड-अप इंडिया योजना विशबेष रूप सबे अनुसपूवचत जाति, अनुसपूवचत जनजाति और मेवहला
उद्यमियोों के लिए ्बनाई गई । जुलाई 2026 तक इस योजना के अंतगरात 2.90 लाख सबे अधिक लाभावथीरायों को 65 हजार करोड़ रुपयबे सबे अधिक का ऋर् ्लिीकृत किया जा चुका है । प्रत्यबेक बैैंक शाखा को कमे-सबे-कमे एक अनुसपूवचत जाति या जनजाति तथीा एक मेवहला उद्यमेी को नया उद्योग ्लथीावपत करनबे के लिए ऋर् उपलब्ध करानबे का लक्षय दिया गया है । इस पहल नबे हजारों युवाओं को ्लिरोजगार और उद्यवमेता की दिशा मेें आगबे ्बढ़नबे का अवसर दिया है ।
इसी प्रकार प्रधानमेंत्री मेुद्रा योजना भी सामेाजिक और आवथीराक ्बदलाव का ्बड़ा मेाध््यम ्बनकर उभरी है । जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 55 करोड़ सबे अधिक ऋर् ्लिीकृत किए जा चुके हैं, जिनका कुल मेपू्कय 34 लाख करोड़ रुपयबे सबे अधिक है । इन ऋणोों का ्बड़ा वह्लसा मेवहलाओं, अनुसपूवचत जाति, अनुसपूवचत जनजाति और अन्य वंचित िगषों को वमेला है । इससबे लाखों छोऱ्े कारो्बार शुरू हुए हैं और ्लथीानीय ्लतर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं ।
सरकार नबे नवउद्यमोों को आवथीराक सहायता दबेनबे के लिए भी कई मेहत्िपपूर््ण कदमे उठाए हैं । फंड ऑफ फंड्स के मेाध््यम सबे 25,859 करोड़ रुपयबे के वनिबेश को ्लिीकृति दी गई है । ्लर्ार््टअप इंडिया ्बीज पपूंजी योजना के तहत लगभग 592 करोड़ रुपयबे की सहायता प्रदान की गई है, ज्बवक ऋर् गारंर्ी योजना के अंतगरात 925 करोड़ रुपयबे सबे अधिक के ऋर् को गारंर्ी दी गई है । इससबे
पहली ्बार उद्योग शुरू करनबे वालबे युवाओं के लिए वित्ीय सहायता प्राप्त करना पहलबे की तुलना मेें आसान हुआ है ।
सरकारी खरीद नीति मेें भी अनुसपूवचत जाति और जनजाति उद्यमियोों को विशबेष अवसर दिए गए हैं । केंद्र सरकार के मेंत्रालयों, विभागों और सािराजनिक उपरिमेों को अपनबे वावषराक खरीद लक्षय का कमे-सबे-कमे चार प्रतिशत अनुसपूवचत जाति और जनजाति के सपूक्षमे एवं लघु उद्यमोों सबे खरीदनबे का प्रावधान किया गया है । यदि इसका पपूरी गंभीरता सबे पालन किया जाए, तो हजारों नए उद्योग ्लथीावपत होंगबे और ्बड़ी संख्या मेें रोजगार के अवसर पैदा होंगबे ।
निश््चचत रूप सबे यह भी सच है कि प्रत्यबेक नवउद्यमे सफल नहीं होता । सरकार के अनुसार कुछ हजार नवउद्यमे ्बंद भी हुए हैं । लबेवकन किसी भी विकसित होती अर््थव्यि्लथीा मेें यह सामेान्य प्रवरिया मेानी जाती है । मेहत्िपपूर््ण ्बात यह है कि सरकार लगातार नीवतयों मेें सुधार कर रही है, वित्ीय सहायता ्बढ़ा रही है और उद्यमियोों के लिए ्बबेहतर वातावरर् तैयार करनबे का प्रयास कर रही है । असफलताओं सबे सीख लबेकर आगबे ्बढ़ना ही एक मेज्बपूत अर््थव्यि्लथीा की पहचान है ।
सरकार का दावा है कि भारत अ्ब केवल सबेिा क्षेत्र तक सीवमेत नहीं है, ्बक््कक विनिर््ममाण मेें भी तबेजी सबे आगबे ्बढ़ रहा है । उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के तहत 2.40 लाख करोड़ रुपयबे सबे अधिक का वनिबेश, 22.66 लाख करोड़
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