अवसर
ईज ऑफ डू इयंग बिजनेस ' से सशक्त हो रिता भतारत अनुसूनच्त जान्त-जनजान्त उद्यनमयों के लिए खुल रहे नए अवसर
भार्त आज दुनिया के सबसे बड़़े नवाचार केंद्रों में शामिल है और बड़ी संख्या में नए उद्यम छयोटि़े शिरों से भी उभर रहे िैं । यह परिवर््तन केवल आन्थथिक ििीं, बष्ल्क सामाजिक बदलाव का भी संके्त है । जून 2026 ्तक देश में 2.30 लाख से अधिक मान्दय्ता प्राप््त नवउद्यम स््थथापित ियो चुके िैं । इनसे 23.36 लाख से अधिक प्रत्यषि रयोिगार सृजि्त हुए िैं । सरकार के द्ारा उ्ठाए गए कदमों का विश्लेर्ण कर्ती खास रिपयोटि्ट
शंकर अंदानी, प्रेनसडेंटि, ईसीसीआई
रा
ज्यसभा मेें वित् मेंत्री निर््मला सीतारामेन नबे कहा कि मेोदी सरकार नबे भारत मेें कारो्बार करना पहलबे की तुलना मेें अधिक
आसान ्बनाया है । उनके अनुसार नियमोों को सरल किया गया है, वनिबेश को प्रोत्साहन दिया गया है, नवाचार को ्बढ़ािा वमेला है, पबेर्ेंर् प्रवरिया को तबेज किया गया है और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना नबे दबेश के विनिर््ममाण क्षेत्र को
नई गति दी है । सरकार का मेानना है कि इन सुधारों का स्बसबे ्बड़ा लाभ उन युवाओं और नए उद्यमियोों को वमेल रहा है, जिन्हें पहलबे कारो्बार शुरू करनबे के लिए अनबेक प्रशासनिक और वित्ीय कठिनाइयों का सामेना करना पड़ता थीा ।
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अगस््त 2026