September 2026_DA | Seite 41

वर््ष 1961 मेें देश की कु्ल ईसाई जनसंख्या मेें केर्ल का हिस्सा 33.43 प्वतशत तथा वमेजोरमे, मेेघा्लय, नर्ालैैंड, मेवणपुर, अरुणाच्ल प्देश का हिस्सा 7.93 प्वतशत था । अब केर्ल का हिस्सा घटकर 22.07 प्वतशत रह र्या है तथा उपरोक्त पांच राज्यों का हिस्सा बढक़र 23.38 प्वतशत हो र्या है ।
आने वाले एक-दो दिकों मेें ये राज्य भी ईसाई बहुल हो जाएंगे । असमे के लदमेा हासो मेें 29.57 तो काबगी जिले मेें 16.49 प्रतिशत तक ईसाई जनसंख्या हो गई है । चिंता की बात यह है कि कुल जनजाति आबादी मेें से नगािैंड मेें 98.21 प्रतिशत, मेलणपुर मेें 97.42 प्रतिशत, लमेजोरमे मेें 90.07 प्रतिशत, मेेघालय मेें 84.42 प्रतिशत त्था अरुणाचल प्रदेश मेें 40.92 प्रतिशत लोग ईसाई बन गए हैं । पूववोत्र के ही असमे मेें 12.75 प्रतिशत त्था लत्पुरा के 13.11 प्रतिशत जनजाति बंधु ईसाई बन गए हैं । अंडमेान के 92.92 प्रतिशत और गोवा के 32.67 प्रतिशत जनजाति बंधु ईसाई बन गए हैं । जनजाति प्रभाव वाले झारखंड मेें भी 15.47 प्रतिशत जनजाति बंधु ईसाई बन गए हैं और 46.41 प्रतिशत ने अपने को‘ अन्य’ कािमे मेें लिखवाया है । जो‘ अन्य’ हैं, वे कल ईसाई हो जाते हैं । अरुणाचल प्रदेश मेें 1971 मेें ईसाई 0.78 प्रतिशत त्था‘ अन्य’ 63.45 प्रतिशत ्थे । वषणा 2011 मेें अरुणाचल मेें‘ अन्य’ घ्टकर 26.20 प्रतिशत तो ईसाई बढक़र 30.26 प्रतिशत हो गए । नगािैंड मेें भी 1951 मेें ईसाई 46.04 प्रतिशत त्था‘ अन्य’ 49.50 प्रतिशत ्थे । अब वहां‘ अन्य’ 0.16 प्रतिशत त्था ईसाई 87.92 प्रतिशत हैं ।
यह एक तथ्य है कि किसी क्षेत् के ईसाई बहुल होते ही वहीं से हिंदुओं का पलायन भी शुरू हो जाता है । वषणा 1981 मेें लमेजोरमे मेें हिंदू 35,245 ्थे, जो तीन दशक के बाद भी बढऩे के बदले घ्टकर 30,136 रह गए हैं । इस प्रकार से पूववोत्र मेें न केवल मेतांतरण, बल््कक राष्ट्रांतरण भी तेजी से हो रहा है । वहां दजणानों अलगाववादी और आतंकवादी संगठिन सलरिय हैं । वैसे देखा जाए तो ईसाइयों द्ारा मेतांतरण का षड्ंत् पूरे देश मेें चलाया जा रहा है । विगत दो जनगणना 2001 त्था 2011 के आंकड़ों को देखा जाए तो मेुस््ललिम जनसंख्या वृलधि दर हिंदुओं से डेढ़ गुना तो भी 30 प्रतिशत के नीचे ्थी, पर ईसाइयों की आबादी की वृलधि दर कई राज्यों मेें अप्रत्यालित ्थी । मेात् पिछले दशक मेें यानी 2001-11 के दौरान ही ईसाइयों
वर््ष 1961 मेें देश की कु्ल ईसाई जनसंख्या मेें केर्ल का हिस्सा 33.43 प्वतशत तथा वमेजोरमे, मेेघा्लय, नर्ालैैंड, मेवणपुर, अरुणाच्ल प्देश का हिस्सा 7.93 प्वतशत था । अब केर्ल का हिस्सा घटकर 22.07 प्वतशत रह र्या है तथा उपरोक्त पांच राज्यों का हिस्सा बढक़र 23.38 प्वतशत हो र्या है ।
की जनसंख्या जम्मेू-कश्मेीर मेें 75.53 प्रतिशत, बिहार मेें 143.23 प्रतिशत, हरियाणा मेें 85.22 प्रतिशत, लहमेाचल मेें 64.51 प्रतिशत की दर से बढ़ी है । एक समेय ईसाई लमेिनरियां जनजाति बहुल इलाकों मेें सलरिय थीीं, लेकिन अब वे उन इलाकों मेें भी सलरिय हैं, जहां अनुसूचित जाति के लोग बड़ी संख्या मेें हैं ।
आजादी के बाद से जिहादी आतंकवाद और घुसपैठि पर तो चचाणा होती रही है, पर ईसाई लमेिनररयों की ओर से कराए जाने वाले मेतांतरण पर जितनी चचाणा होनी चाहिए ्थी, उतनी नहीं हो पाई । एक बार तो चुनाव के समेय पूववोत्र के राज्यों मेें कांग्ेस ने यह भी एलान कर दिया ्था कि इन राज्यों मेें ईसाइयत के आधार पर शासन व्यवस््था का संचालन होगा । ध्यान रहे कि फरवरी 2018 मेें नगािैंड मेें विधानसभा चुनाव के समेय अंगामेी बैपल्टस््ट चचणा काउंसिल के कायणाकारी निदेशक डा. वी
अ्टसी डोलाई ने आरोप लगाया ्था कि हिंदुवादी ताकतें प्रलोभन देकर नगा समेाज मेें प्रवेश कर रही हैं । ऐसे मेें केंद्र सरकार ने मेतांतरित ईसाइयों और मेुल्स्िमेों को आरक्षण का लाभ देने का विरोध कर एक साहसिक कदमे उठिाया है । केंद्र सरकार के हलफनामेे के बाद विदेशी ताकतें पूववोत्र को अशांत करने का षड्ंत् रच सकती हैं, पर पूववोत्र का समेाज मेूलत: देशभक्त और जुझारू है । विगत वषगों मेें विकास की तेज रफ्तार से पूववोत्र के राज्यों मेें न केवल शांति स््थालपत हुई है, बल््कक एक आशा का संचार भी हुआ है । पूववोत्र की राज्य सरकारें और केंद्र के बीच समेन्वय एवं सहयोग से किसी भी षड्ंत् को विफल किया जा सकता है । देश का एक और विभाजन न हो, इसके लिए दलीय स्वा्थणा से ऊपर उठिकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को प्रा्थलमेकता देते हुए केंद्र सरकार का समे्थणान और सहयोग समेय की मेांग है ।
( साभार) flracj 2026 41