भा |
रतीय संस्कृलत और समेाज पर ध्यान दिया जाए तो यह कहना गलत नहीं लगता कि दासता और गुलामेी की जंजीरों मेें जकड दिए |
गए हिन्दू समेाज के अंदर, भारत पर राज करने वािों के खिलाफ जब विद्रोह की ज्वािा हद से ज्यादा भड़कने लगी, तो उसका परिणामे शासक वगणा पर दिखने लगा । विद्रोह की इस आग को |
उसी समेाज ने जलाया ्था, जिस समेाज को अरब से आए मेुस््ललिम आरिांताओं ने अपनी रिूरता के बल पर अपनी सेवा के लिए पैदा कर दिया ्था । इस समेाज को दलित समेाज का नामे दिया गया |