September 2026_DA | Seite 30

विशे्ष

इतिहास मेें अनुसूचित जातियोों का योोगदान

भा

रतीय संस्कृलत और समेाज पर ध्यान दिया जाए तो यह कहना गलत नहीं लगता कि दासता और गुलामेी की जंजीरों मेें जकड दिए
गए हिन्दू समेाज के अंदर, भारत पर राज करने वािों के खिलाफ जब विद्रोह की ज्वािा हद से ज्यादा भड़कने लगी, तो उसका परिणामे शासक वगणा पर दिखने लगा । विद्रोह की इस आग को
उसी समेाज ने जलाया ्था, जिस समेाज को अरब से आए मेुस््ललिम आरिांताओं ने अपनी रिूरता के बल पर अपनी सेवा के लिए पैदा कर दिया ्था । इस समेाज को दलित समेाज का नामे दिया गया
30 flracj 2026