May 2026_DA | Page 36

विशेष

प्खर होते बाबा साहब से जुडे प्तीक

बढ़ रही बाबा साहब की प्ासंगिकता

नई राजनीतिक गोलबंदी का केंद्र बने आंबेडकर

बद्री नारायण

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स साल हम लोग बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की 131वीं जयंती का वर्ष मना रहे हैं । इस अवसर पर सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई वर्ग विभिन्न मंचों के माधयम से उनिें समरण कर रहे हैं । जैसे-जैसे समाज शिक्षित एवं जागरूक हुआ है, वैसे-वैसे बाबा साहब के वयशकतति, ककृहतति एवं संदेशों की सिीकार्यता बढ़ी है । यह सुखद है कि बाबा साहब का नायकति अब किसी जाति, धर्म एवं प्रांत की सीमाओं में बंधा न रहकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सतर पर उभर रहा है ।
बाबा साहब का वयापक प्भाव षिेत्
भारत के अलावा अमेरिका, इंगलैंड, कनाडा और नीदरलैंड जैसे देशों में भी उनकी जयंती मनाई जाने लगी है । इन देशों में रह रहे भारतवंशी उनिें समरण करते हैं । उनसे जुड़े तमाम कार्यरिमों की सूचना आपको इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों पर सहजता से मिल जाएगी । समय के साथ राजनीतिक परिदृ्य में भी आंबेडकर की पैठ बढ़ी है । दक्षिणपंथी, वामपंथी और मधयमागटी सभी अपने-अपने सतर पर उनिें आतमसात कर
रहे हैं । सभी उनिें अपने-अपने रंग में ढालने में लगे हैं । किसी का रंग नीला है, किसी का लाल और किसी का भगवा । उत्र प्रदेश में आपको आंबेडकर की प्रतिमाएं काफी संखया में मिलेंगी । यहां गांव, कसबों और शहरों में उनकी प्रतिमाएं लगी हैं । इन मूर्तियों में भी बाबा साहब के कोट का रंग भी कहीं नीला, कहीं काला और कहीं केसरिया दिखता है ।
भगवा खेमे की बाबा साहब की भक्त
यदि हाल के िषवो में बाबा साहब की समृहतयों
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