July 2026_DA | Página 31

संघ की खुले दिल से सराहना दलित राजनरीलत करने ्वाले तमाम दल और
नेता से्वा-बकसतरों में स्वा्यलधक से्वा-कार्य करने के बा्विूद आज भरी संघ को प्रायः असपृशर समझते हैं, परंतु उललेखनरीर है कि डलॉ अंबेडकर संघ के कार्यकमों में तरीन बार गए थे । ल्विरादशमरी पर आहूत संघ के एक ्वार्षिक आयोजन में ्वे मुखर अतिथि करी हैसियत से सकममलित हुए । उस कार्यकम में लगभग 610 स्वयंसे्वक थे । उनके द्ारा आग्हपू्व्यक पूछे जाने पर जब उनहें ल्वलदत हुआ कि उनमें से 103 ्वंचित-दलित समाज से हैं तो उनहें सुखद आशचर्य ए्वं संतोष हुआ । स्वयंसे्वकों के बरीच सहज आत्मीय संबंध ए्वं समरस व्यवहार देखकर उनहोंने संघ और डलॉ हेडगे्वार करी सा्व्यिलनक सराहना करी थरी ।
भारत की सनातन धारा के अनुगामी
ततकालरीन हिंदू-समाज में वरापत छुआछूत ए्वं भेदभा्व से क्षु्ध ए्वं पीड़ित होकर उनहोंने अपने अनुयायियों समेत अपना धर्म अ्वशर परर्वलत्यत कर लिया, परंतु उनके धर्म-परर्वत्यन में भरी एक अंतदृ ्यकष््ट झलकतरी है और ऐसा भरी नहीं है कि उनहोंने यह सब अकसमात ए्वं त्वरित प्रलतलकरा्वश किया । पहले उनहोंने लनिरी सतर पर सामाजिक जागृत्ति के तमाम कार्यकम चलाए, ततकालरीन सामाजिक-राजनरीलतक नेताओं से बार-बार ्वंचित-शोषित समाज के प्रति उत्तम व्यवहार, नरार ए्वं समानता करी अपरील करी । जब उन सबका वरापक प्रभा्व नहीं पड़ा, तब कहीं जाकर अपनरी मृतरु से दो ्वर्ष पू्व्य उनहोंने अपने अनुयायियों समेत धर्म परर्वत्यन किया । पर धरातवर है कि उनहोंने भारतरीर मूल के बौद्ध धर्म को अपनाया, जबकि उनहें और उनके अनुयायियों को लुभाने के लिए दूसररी ओर से तमाम पासे
फेंके जा रहे थे । पैसे और ताक़त का प्रलोभन दिया जा रहा था, पर ्वे भलरी-भांति जानते थे कि भारत करी सनातन धारा आयातित धाराओं से अधिक स्वरीकार्य, ्वैज्ालनक ए्वं लोकतांलत्क है ।
राष्ट्रहित स्वोपरि, समरसता की पैरोकारी
उनकरी प्रगतिशरील और स्व्यसमा्वेशरी सोच करी झलक इस बात से भरी मिलतरी है कि उनहोंने आरक्षण जैसरी व्यवसथा को जाररी रखने के लिए हर दस ्वर्ष बाद आकलन-ल्वशलेरर का प्रा्वधान रखा था । यह जाति-्वग्य-समुदाय से देशहित को ऊपर रखने ्वाला वरक्त हरी कर सकता है । अचछा होता कि उनके नाम पर राजनरीलत करने ्वाले तमाम दल और नेता उनके ल्वचारों को सहरी मायने में आतमसात करते और उनकरी बौद्धिक- राजनरीलतक दृकष््ट से सरीख लेकर समरस समाज करी संकलपना को साकार करते । �
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