July 2026_DA | Página 24

कवर स्टोरी

पारदर्शिता बढ़री, कर आधार ल्वसतृत हुआ और राजस्व संग्ह अधिक वर्वकसथत बना । आईएमएफ के अनुसार भारत का िरीडरीपरी ्वर्ष 2014 के लगभग दो लट्लियन डलॉलर से बढ़कर 2025 में 4.18 लट्लियन डलॉलर से अधिक हो गया है । भारत जापान को परीछे छोड ल्वश्व करी चौथरी सबसे बड़ी अर्थव्यवसथा बन चुका है, जबकि आर्थिक सर्वे 2025-26 ने ल्वत्त ्वर्ष 2026 में 7.4 प्रतिशत ्वृद्धि का अनुमान जताया है ।
कोल्वड के बाद“ आतमलनभ्यर भारत” अभियान आर्थिक रणनरीलत का केंद्र बना । उतपादन आधारित इंसेंल्ट्व( परीएलआई) योजना के तहत इले्ट्लॉलन्स, फार्मा, ्टेलरीकलॉम और ऑ्टोमोबाइल सहित 14 रणनरीलतक क्षेत्ों को बढ़ा्वा मिला, जिससे 5.31 लाख करोड रुपये से अधिक का निर्यात हुआ । ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, िरीएस्टरी सुधार और डिजि्टल पारदर्शिता के कारण 2025- 26 में रिकलॉड्ट 94.5 बिलियन अमेरिकरी डलॉलर का प्रतरक्ष ल्वदेशरी लन्वेश प्रापत हुआ । ्वहीं, नो्टबंदरी ने अलपकालिक चुनौतियों के बा्विूद डिजि्टल भुगतान, औपचारिक अर्थव्यवसथा तथा काले धन, नकलरी मुद्रा और आतंक ल्वत्तपोषण पर रोक लगाने करी दिशा में महत्वपूर्ण प्रभा्व डाला ।
्वहीं, योजना आयोग के सथान पर नरीलत आयोग करी सथापना ने सहकाररी संर्वाद, तकनरीक- आधारित शासन और प्रशासनिक दक्षता को नई
मजबूतरी प्रदान करी ।
डिजिटल इंडिया, सामाजिक सशकतीकरण और आधारभूत विकास
डिजि्टल इंडिया अभियान ने पिछले दशक में भारत करी आर्थिक और तकनरीकरी तस्वरीर को वरापक रूप से बदल दिया । भरीम ऐप, आधार और यूपरीआई जैसरी पहलों ने भारत को डिजि्टल भुगतान के क्षेत् में ्वैश्विक नेतृत्व दिलाया, जहाँ आज ल्वश्व के लगभग 49 प्रतिशत रियल-्टाइम डिजि्टल ट्ांिै्शन भारत में होते हैं । यूपरीआई कई देशों में सलकर है, जबकि आईएमपरीएस और फास्टटैग ने डिजि्टल अर्थव्यवसथा को और गति दरी । डरीबरी्टरी ऑनलाइन से्वाओं और डिजि्टल पारदर्शिता ने सरकाररी योजनाओं में लरीकेज कम किए तथा लाभार्थियों तक सहायता सरीधे पहुँचाने का मार्ग प्रशसत किया ।
स्टा ्टअप इंडिया और स्टैंड-अप इंडिया जैसरी पहलों ने उद्लमता को नई ऊर्जा प्रदान करी । इन योजनाओं ने यु्वाओं, महिलाओं और ्वंचित वर्गों को रोजगार खोजने ्वालों से रोजगार सृजित करने ्वालों में बदलने करी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । प्रधानमंत्री ल्वश्वकर्मा योजना ने पारंपरिक काररीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और डिजि्टल बाजार से जोडकर नई पहचान प्रदान करी ।
सामाजिक सशक्तीकरण करी दिशा में“ स्वचछ भारत अभियान” के तहत 11 करोड से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ, जबकि आयुष्मान भारत योजना के माधरम से 50 करोड से अधिक लोगों को स्वास्थर सुरक्षा उपल्ध हुई ।“ बे्टरी बचाओ, बे्टरी पढ़ाओ” अभियान ने बालिका शिक्षा, सुरक्षा और जागरूकता को राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरूप दिया । ्वहीं, प्रधानमंत्री उज््वला योजना ने करोडों गररीब महिलाओं को धुएं से मुक्त दिलाकर स्वचछ ईंधन, बेहतर स्वास्थर और सममानजनक िरी्वन करी नई दिशा दरी ।“ तरीन तलाक” प्रथा पर रोक लगाकर मुकसलम महिलाओं को समानता, सममान और सं्वैधानिक अधिकारों करी नई सुरक्षा प्रदान करी गई ।
ककृलर क्षेत् में परीएम-किसान योजना के माधरम से 11 करोड किसानों को प्रलत्वर्ष 6,000 रुपये करी प्रतरक्ष सहायता दरी गई । आधारभूत संरचना के क्षेत् में परीएम गति शक्त योजना के तहत 100 लाख करोड रुपये से अधिक के लन्वेश का लक्र निर्धारित किया गया । साढ़े तरीन लाख किलोमरी्टर से अधिक ग्ामरीर सडकें तथा तरीव्र गति से ल्वसतारित राष्ट्रीय राजमागयों ने देश करी कनेक््टल्व्टरी को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं । नए ह्वाई अड्ों के निर्माण और‘ उडान’ योजना ने देश करी ह्वाई कनेक््टल्व्टरी का अभूतपू्व्य ल्वसतार किया, जबकि ्वंदे भारत और तेजस जैसरी आधुनिक ट्ेनों ने भारतरीर रेल के आधुनिकरीकरण को नई गति दरी ।
शिक्षा क्षेत् में 2014 के बाद 1,200 से अधिक नये ल्वश्वल्वद्ालय, 10 नये आईआई्टरी तथा सात नये आईआईएम सथालपत किए गए । ्वहीं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों( ईड्लरूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर सामाजिक नरार के दायरे का ल्वसतार किया गया, जिससे आर्थिक रूप से ्वंचित वर्गों को शिक्षा और रोजगार में नए अ्वसर प्रापत हुए ।
नई शिक्षा नरीलत 2020 ने शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, कौशल-आधारित और आधुनिक स्वरूप प्रदान किया ।“ कसकल इंडिया मिशन” और“ प्रधानमंत्री कौशल ल्वकास योजना” के माधरम से यु्वाओं को उद्ोग आधारित प्रशिक्षण उपल्ध कराया गया । ्वर्ष 2025 तक 2.27
24 tqykbZ 2026