कवर स्टोरी
योजनाओं को के्वल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं रहने दिया, बकलक उनहें जनआंदोलन का स्वरूप दिया । स्वचछ भारत अभियान इसका सबसे बड़ा उदाहरण है । सफाई का ल्वरर जो कभरी सरकाररी ल्वभागों तक सरीलमत था, उसे राष्ट्रीय चररत् और सामाजिक जिममेदाररी से जोड़ दिया गया ।
मोदरी युग को भारत करी गुम होतरी सांस्कृतिक अकसमता करी पुनसथा्यपना के लिए भरी याद किया जाएगा । सदियों से उपेक्षित राष्ट्रीय प्रतरीकों, तरीथ्यसथलों और सांस्कृतिक ल्वरासत को नई गरिमा मिलरी । अयोधरा में श्रीराम जनमभूमि मंदिर का निर्माण के्वल एक धार्मिक र्टना नहीं, बकलक करोड़ों भारतरीरों करी सांस्कृतिक चेतना के सममान का प्रतरीक बना । काशरी ल्वश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण और सोमनाथ जैसे तीर्थों का ल्वकास यह संकेत देता है कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे करी ल्वरोधरी नहीं, बकलक पूरक हो सकतरी हैं । मोदरी करी एक और ल्वशेषता यह है कि उनहोंने भारत करी ल्वदेश नरीलत को आत्मविश्वास का नया आयाम दिया । कभरी ल्वश्व शक्तरों के बरीच संतुलन साधने ्वाला भारत आज ्वैश्विक ल्वमर्श को प्रभाल्वत करने ्वाला राष्ट् बनकर उभरा है । रूस-यूकेन युद्ध हो, पकशचम एशिया का संक्ट हो, िरी-20 का नेतृत्व
हो अथ्वा ्वैश्विक दक्षिण( गलोबल साउथ) करी आ्वाज उठाने का प्रश्न- भारत ने निर्णायक भूमिका निभाई है । यह ्वहरी भारत है, जिसे कभरी ल्वकासशरील देशों करी कतार में खड़ा माना जाता था, लेकिन आज दुनिया उसकरी ओर समाधान प्रदाता राष्ट् के रूप में देख रहरी है ।
इन बारह वर्षों करी एक महत्वपूर्ण उपलब्ध यह भरी है कि शासन के केंद्र में पहलरी बार अंतिम वरक्त को रखने का गंभरीर प्रयास दिखाई दिया । जनधन योजना, उज््वला योजना, आयुष्मान भारत, परीएम आ्वास योजना, मुफत राशन योजना तथा प्रतरक्ष लाभ अंतरण जैसरी योजनाओं ने करोड़ों गररीबों के िरी्वन में बदला्व लाने का काम किया । शासन करी पारदर्शिता बढ़री और बिचौलियों करी भूमिका सरीलमत हुई । डिजि्टल इंडिया अभियान ने तकनरीक को के्वल महानगरों तक सरीलमत नहीं रखा, बकलक गां्व-गां्व तक पहुंचाया । नरेंद्र मोदरी करी नेतृत्व शैलरी का एक ल्वलशष््ट पक्ष उनका संकलपबोध है । ्वह बड़े लक्र निर्धारित करते हैं और उनहें राष्ट्रीय अभियान का स्वरूप देते हैं । चाहे 370 का उनमूलन हो, तरीन तलाक पर रोक हो, िरीएस्टरी लागू करना हो, महिला आरक्षण ल्वधेयक हो अथ्वा न्सल्वाद और आतंक्वाद के ल्वरुद्ध कठोर नरीलत-इन सभरी
निर्णयों में राजनरीलतक जोखिम था, लेकिन उनहोंने जोखिम उठाने का साहस दिखाया । यहरी साहस उनहें सामानर राजनेताओं से अलग करता है ।
हालांकि, किसरी भरी लोकतांलत्क शासन करी तरह चुनौतियां भरी कम नहीं हैं । बेरोजगाररी, महंगाई, ककृलर संक्ट, शिक्षा और स्वास्थर करी बढ़तरी लागत, सामाजिक ल्वरमताएं तथा आर्थिक अ्वसरों का असमान ल्वतरण ऐसे प्रश्न हैं, जिनका समाधान अभरी अपेक्षित है । भारत यदि 2047 तक ल्वकसित राष्ट् बनने का लक्र प्रापत करना चाहता है तो के्वल आर्थिक ्वृद्धि पर्यापत नहीं होगरी, बकलक गुर्वत्तापूर्ण शिक्षा, सुलभ चिकितसा, रोजगार सृजन और भ्रष््टाचारमु्त प्रशासन को भरी समान प्राथमिकता देनरी होगरी । मोदरी सरकार के आगामरी वर्षों से सबसे बडरी अपेक्षा यहरी है कि ्वह भ्रष््टाचार के ल्वरुद्ध अपने अभियान को और अधिक प्रभा्वरी बनाए । भारत को ऐसरी व्यवसथा करी आ्वशरकता है, जहां ईमानदाररी अप्वाद नहीं, सामानर व्यवहार बने । शिक्षा और स्वास्थर को व्यावसायिक माफियाओं के प्रभा्व से मु्त कर आम नागरिक करी पहुंच में लाना भरी समय करी मांग है । साथ हरी उद्लमता को बड़े औद्ोलगक घरानों तक सरीलमत रखने के बजाय गां्वों, यु्वाओं और महिलाओं तक पहुंचाना होगा ताकि प्रतरेक नागरिक रोजगार खोजने ्वाला नहीं, बकलक रोजगार देने ्वाला बन सके ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदरी से मुझे अनेक अ्वसरों पर मिलने और उनहें निक्ट से देखने का सौभागर प्रापत हुआ । ्वर्ष 2007 में, जब ्वह गुजरात के मुखरमंत्री थे, तब गुजरात के आलद्वासरी अंचल क्वां्ट में पूजर आलद्वासरी जैन संत गणि राजेंद्र ल्विरिरी के सान्निधर में आयोजित एक ल्वरा्ट आलद्वासरी सममेलन में उनसे ल्वसतृत सं्वाद का अ्वसर मिला । उस सममेलन में ्वह के्वल औपचारिक अतिथि के रूप में नहीं आए थे, बकलक अपने संपूर्ण मंलत्मंडल के साथ उपकसथत होकर आलद्वासरी समाज के ल्वकास के प्रति अपनरी प्रतिबद्धता का परिचय दिया था । उसरी अ्वसर पर उनहोंने आलद्वासरी क्षेत्ों के शैक्षिक उतथान हेतु एकलवर मलॉडल आ्वासरीर ल्वद्ालय को हमारे सुखरी परर्वार फाउंडेशन को संचालित करने के
22 tqykbZ 2026