July 2026_DA | Page 19

पिछले दशक में अंतरिक्ष प्रौद्ोलगकरी भारत में दैनिक िरी्वन का एक अभिन्न हिससा बन चुकरी है । अंतरिक्ष-आधारित एप्‍लरीकेशन अब शासन व्यवसथा, स्वास्थर से्वाओं, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और आिरील्वका के क्षेत्ों में सहयोग प्रदान कर रहे हैं । जैसे-जैसे भारत ल्वकसित भारत करी दिशा में आगे बढ़ रहा है, अंतरिक्ष कार्यकम सा्व्यिलनक से्वा ल्वतरण को मजबूत करने और नागरिकों के िरी्वन को बेहतर बनाने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसमें दलित, आलद्वासरी, ्वंचित ्वग्य के लोगों करी भूमिका को अनदेखा नहीं किया जा सकता है ।
भारत करी बारह वर्षीय ल्वकास यात्ा के संदर्भ में अष््टलक्मरी अर्थात पूर्वोत्तर के राजरों पर भरी ल्वशेष धरान दिया गया है । पिछले बारह वर्षों में, पूर्वोत्तर के आठ राजरों के ल्वकास परिदृशर में उललेखनरीर बदला्व आया है । यह परर्वत्यन निरंतर नरीलतगत समर्थन, बुनियादरी ढांचे के ल्वसतार और समा्वेशरी ल्वकास पहल के कारण
संभ्व हुआ है । बेहतर सडक, रेल, ह्वाई और डिजि्टल कनेक््टल्व्टरी ने भौगोलिक दूरियों को कम किया है । इसने क्षेत्रीय एकरीकरण और आर्थिक पहुंच को भरी मजबूत किया है । साथ हरी, जल, स्वचछता, आ्वास, स्वास्थर से्वा और शिक्षा तक पहुंच में हुई महत्वपूर्ण प्रगति ने िरी्वन करी गुर्वत्ता में सुधार किया है । यह सुधार नगररीर और ग्ामरीर क्षेत्ों में रहने ्वाले लोग, ल्वशेष रूप से दलित, आलद्वासरी ए्वं ्वंचित ्वग्य के लोगों करी कसथलतरों में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं । मोदरी सर्कार के कार्यकाल में पुर्वोत्तर यह क्षेत् भारत के स्वचछ ऊर्जा परर्वत्यन और एक्ट ईस्ट ल्विन का एक प्रमुख सतंभ बनकर उभरा है । इस बदला्व को जलल्वद्ुत, गैस अ्वसंरचना और सरीमा पार कनेक््टल्व्टरी में लन्वेश का समर्थन प्रापत है ।
पूर्वोत्तर में परर्वत्यन के सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक कनेक््टल्व्टरी रहरी है । दशकों से, इस क्षेत् करी आर्थिक क्षमता दुर्गम भूभाग, सरीलमत अ्वसंरचना और उच्च रसद लागतों से
बाधित रहरी है । 2014 से परर्वहन के ल्वलभन्न साधनों में समन्वित प्रयास इन संरचनातमक बाधाओं को दूर करने के उद्ेशर से किए जा रहे हैं । देश के अंतिम-छोर तक पहुंच से लेकर आर्थिक गलियारों तक पूर्वोत्तर में आ्वागमन करी ररीढ़ सडक संपर्क है । राष्ट्रीय राजमागयों के ल्वसतार से यह बदला्व स्पष्ट होता है । इस परर्वत्यन का एक प्रमुख कारण भारतमाला परियोजना है, जो केंद्र सरकार द्ारा प्रायोजित एक कार्यकम है और इसका मुखर उद्ेशर गलियारों पर आधारित राजमार्ग ल्वकास करना है । पहले के दृकष््टकोणों के ल्वपररीत, भारतमाला आर्थिक गलियारों, सरीमावर्ती सडकों और बंदरगाहों तथा वरापार मागयों से संपर्क को प्राथमिकता दे रहरी है ।
बारह ्वर्ष के प्रयासों के ने पूर्वोत्तर के ल्वकास के माहौल को बदल दिया है । पूर्वोत्तर में दलित और आलद्वासरी समाज का ल्वकास एक िल्टल और बहुआयामरी प्रलकरा है । यहां करी जनजातरीर संस्कृति और सामाजिक संरचना मुखर भूमि से काफरी अलग है और मोदरी सरकार करी योजनाओं ए्वं प्रयासों से असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम आदि में दलित और आलद्वासरी समुदायों के उतथान के लिए कई कदम उठाए गए, जिसमें संल्वधान करी छठरी अनुसूचरी के अंतर्गत आलद्वासरी बाहुलर क्षेत्ों को स्वायत्त जिला परिषदों का दर्जा दिया गया है, ताकि ्वह अपनरी पारंपरिक प्रथाओं, भूमि अधिकारों और संस्कृति करी रक्षा कर सके । इसके साथ हरी पूर्वोत्तर दूरसथ क्षेत्ों में आ्वासरीर ल्वद्ालय, एकलवर मलॉडल सकूल और केंद्ररीय ल्वश्वल्वद्ालय सथालपत करके ्वंचित वर्गों के छात्ों के लिए ल्वशेष छात्रवृत्तियां उपल्ध कराई जा रहरी हैं ।
कुल मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदरी के नेतृत्व ्वालरी केंद्र सरकार ने अपने कार्यकाल के बारह ्वर्ष के दौरान सरकार ने बुनियादरी ढांचे के ल्वकास, डिजि्टल कांलत, और वरापक कलरारकाररी योजनाओं के माधरम से ' आतमलनभ्यर भारत ' को नई गति दरी है । इसके साथ हरी ्वह देश के सबसे लंबे समय तक से्वा करने ्वाले लन्वा्यलचत प्रधानमंत्री भरी बन चुके हैं । �
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