कवर स्टोरी
खुफिया जानकाररी के एकरीकरण ने केंद्ररीय और राजर एजेंसियों के बरीच इं्टर-एजेंसरी समन्वय को उललेखनरीर रूप से बढ़ाया है । सरीमा पार आतंक्वाद के ल्वरुद्ध लक्षित कार्य्वाई, आतंक्वाद के फंडिंग ने्ट्वक्क का खातमा और पुलिस ए्वं सुरक्षा बलों के आधुनिकरीकरण ने राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना को सुदृढ़ किया है । साइबर सुरक्षा क्षमताओं के ल्वसतार ने उभरते डिजि्टल खतरों के ल्वरुद्ध तैयारियों को और मजबूत किया है । इन निरंतर प्रयासों ने आंतरिक सुरक्षा संकेतकों में उललेखनरीर सुधार लाने में योगदान दिया है, जिनमें आतंकरी र्टनाओं में कमरी, नागरिकों और सुरक्षा बलों के बरीच मृतरु संखरा में कमरी और सा्व्यिलनक सुरक्षा, ल्वकास परिणामों और राष्ट्रीय लचरीलेपन में सुधार शामिल हैं । निरंतर बहुआयामरी कदमों और समग् आतंक-ल्वरोधरी उपायों के चलते केंद्र सरकार पिछले बारह रयों में आंतरिक सुरक्षा ्वाता्वरण को मजबूत करने और 140 करोड भारतरीरों के बरीच ल्वश्वास बढ़ाने में सफल रहरी है ।
पू्वोत्तर से लेकर अंतररषि तक, हर तरफ भारत का लहराता राष्ट्र ध्ज
पिछले बारह वर्षों के दौरान मोदरी सरकार के नेतृत्व में भारत ने सामाजिक, आर्थिक प्रगति के साथ हरी अंतरिक्ष क्षेत् में‘ ल्वश्वास, ल्वकास और जनकलरार’ करी भा्वना को प्रतिबिंबित किया है ।‘ आतमलनभ्यर भारत’,‘ मेक इन इंडिया’ और‘ ल्वकसित भारत 2047’ करी कल्पना से प्रेरित होकर भारत दुनिया करी अग्रणी अंतरिक्ष शक्तरों में उभरकर सामने आया है । इस अ्वलध करी प्रमुख उपलब्धरों में चंद्रयान-3 का चंद्रमा के दलक्षररी ध्रुव के निक्ट सफलतापू्व्यक उतरना, आदितर-एल-1 का सौर मिशन तथा गगनयान और राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन करी जाररी तैयाररी के रूप में देखा जा सकता है । अंतरिक्ष क्षेत् में स्टा ्टअपस करी संखरा जो 2014 में के्वल एक थरी, फर्वररी 2026 तक बढ़कर 400 से अधिक हो गई है । प्रतरक्ष ल्वदेशरी लन्वेश( एफडरीआई)
के उदार बनाए गए नियमों, लनिरी क्षेत् करी बढ़री हुई भागरीदाररी तथा एनएसआईएल( नरूसपेस इंडिया लललम्टेड) के नेतृत्व में अंतरिक्ष प्रौद्ोलगकरी के व्यावसाररीकरण ने इस क्षेत् करी प्रगति को नई गति दरी है । यह उपलब्धरां एक ऐसे आत्मविश्वासरी और आतमलनभ्यर भारत करी तस्वरीर प्रसतुत करतरी हैं, जो ल्वकास, ्वैश्विक साझेदाररी और समा्वेशरी प्रगति के लिए अंतरिक्ष प्रौद्ोलगकरी का प्रभा्वरी उपयोग कर रहा है ।
भारत करी अंतरिक्ष अर्थव्यवसथा का ्वत्यमान मूलर लगभग 8 अरब अमेरिकरी डलॉलर है, जो ्वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवसथा में 2 – 3 प्रतिशत करी हिससेदाररी रखतरी है । अगले एक दशक में इसके पांच गुना बढ़कर 40 – 45 अरब अमेरिकरी डलॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसे 2030 तक ्वैश्विक हिससेदाररी 8 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्र है । पिछले बारह वर्षों में सरकार महत्वपूर्ण संसथागत सुधारों और लनिरी क्षेत् करी भागरीदाररी के माधरम से अंतरिक्ष क्षेत् के व्यावसाररीकरण में उललेखनरीर तेिरी लाई है ।
18 tqykbZ 2026