July 2026_DA | Page 15

31 मार्च 2026 को भारत द्ारा हासिल करी गई न्सल-मु्त भारत करी उपलब्ध स्वतंत् भारत के इतिहास करी सबसे महत्वपूर्ण आंतरिक सुरक्षा सफलताओं में से एक है । यह उपलब्ध निर्णायक नेतृत्व, निरंतर नरीलतगत लकरान्वयन तथा सुरक्षा, ल्वकास और पुन्वा्यस को जोडने ्वालरी बहुआयामरी रणनरीलत के प्रभा्व को दर्शातरी है, जिसने दलित ए्वं आलद्वासरी ्वग्य के चेहरे में नई मुसकान को लाने का कार्य किया है । यह भारत के सबसे कमजोर समाज लिए शांति, समा्वेशन और प्रगति के एक नए अधरार करी शुरुआत के रूप में देखा जा सकता है ।
सामाजिक जीवन की सुगमता: भारत की समावेशी प्गति की यात्ा
मोदरी सरकार के बारह ्वर्ष के कार्यकाल में सुशासन करी एक निर्णायक यात्ा ने भारतरीर नागरिकों, ल्वशेष रूप से दलित, आलद्वासरी, गररीब ए्वं ्वंचित ्वग्य जिंदगरी में बड़ा बदला्व लाने का कार्य किया है और उनहें सुरक्षित घर, स्वचछ ईंधन, सुरक्षित पानरी और बेहतर स्वचछता
जैसरी सुल्वधाओं के माधरम से नए अ्वसर प्रापत हुए हैं । भारत करी यह बारह ्वर्ष करी यात्ा समा्वेशरी प्रगति को दिखाता है, जिसमें सुशासन ने रोजमर्रा करी लजंदगरी को बदला और लाखों लोगों के लिए ल्वकास करी नीं्व को मजबूत किया ।
पिछले 12 वर्षों में महत्वाकांक्षरी कार्यकमों और सुधारों के दिशा में प्रधानमंत्री आ्वास योजना, प्रधानमंत्री उज््वला योजना, जल िरी्वन मिशन, स्वचछ भारत अभियान, सौभागर योजना सहित अनेकों योजनाओं ने दलित-्वंचित ्वग्य के लाखों घरों तक उन सुल्वद्ाओं को पहुंचाने का कार्य किया, जिसके लिए ्वह ्वो्ट बैंक बनकर दशकों से लाचार बने हुए राह देख रहे थे । प्रधानमंत्री जन धन योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने दलित-गररीब नागरिकों को बैंकिंग, ऋण और सुरक्षा के मामले में सश्त बनाया ।
2014 से पहले देश में बड़ी संखरा में नागरिकों के पास अर्थात दलित, गररीब, आलद्वासरी ए्वं ्वंचित ्वग्य के लोगों के लिए सममानजनक िरी्वन िरीने के लिए जरूररी सुल्वधाएं नहीं थीं । खासकर ग्ामरीर महिलाओं
को खाना पकाने के लिए साफ ईंधन, सुरक्षित पेयजल और साफ-सफाई करी सुल्वधाओं करी कमरी जैसरी चुनौतियों का सामना करना पडता था । देश भर में इन कमियों को बडे पैमाने पर और वर्वकसथत ढंग से दूर करने के लिए अभियान शुरू किए गए । इनके नतरीिे परर्वत्यनकाररी रहे और हर इलाके में करोडों लोगों को इनका फारदा मिला है । यह पहल स्वतंत् भारत में रोजमर्रा के िरी्वन सतर में हुए सबसे अहम सुधारों में से एक के रूप में देखरी जा सकतरी है ।
जैसे-जैसे भारत-2047 तक ' ल्वकसित भारत ' करी ओर बढ़ रहा है, यह आधार राष्ट्रीय प्रगति के लिए अहम बना हुआ है । समा्वेशरी ल्वकास, कसथरता और हर नागरिक के लिए सममान- यह सभरी एक-दूसरे के पूरक लक्र हैं, न कि आपस में ्टकराने ्वालरी प्राथमिकताएं । 2014 से 2026 के बारह वर्षों ने सिद्ध कर दिया है कि नागरिक-केंद्रित, मिशन-आधारित और तकनरीक-सक्षम शासन बडे पैमाने पर परिणाम दे सकतरी है, जो दलित, आलद्वासरी ए्वं ्वंचित ्वग्य के लोगों के िरी्वन में बदला्व लाकर ल्वश्व को आशचर्यचकित कर सकतरी है ।
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