Jankriti International Magazine Jankriti Issue 27-29, july-spetember 2017 | Page 400

Jankriti International Magazine / जनकृ सत अंतरराष्ट्रीय पसिका ISSN: 2454-2725
सरोकार, जैसे ग्रंथों का उल्लेख मकया जा सकता है । इस दौरान पािात्य काव्य मचंतन तथा महंदी का मवश्व संदभा के 3 संस्करि प्रकामशत हुए हैं और पािात्य काव्य मचंतन का छात्र संस्करि भी दो बार प्रकामशत हुआ है ।
१०- डॉ. प्रमोद पाण्डेय: अंतरााष्ट्रीय सामहमत्यक
यात्रा के मवर्षय में कृ पया बताएं? डॉ. करुणािंकर उपाध्याय: इस संदभा में मैं कहना
चाहूंगा मक मैं मारीशस, संयुक्त राज्य अमेररका, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों की यात्रा कर चुका हूँ और मैंने इन देशों की तमाम सामहमत्यक, सांस्कृ मतक संदभा और महंदी भार्षा की अद्यतन मस्थमत का मववरि अपनी पुस्तक महंदी का मवश्व संदभा में मदया है ।
११- डॉ. प्रमोद पाण्डेय: आपकी अब तक की
प्रकामशत पुस्तकों के बारे में बताइए? डॉ. करुणािंकर उपाध्याय: जहाँ तक मेरी
प्रकामशत पुस्तकों का सवाल है तो अब तक मेरी 16 मौमलक आलोचनात्मक पुस्तकें और 12 संपामदत आलोचनात्मक पुस्तकें प्रकामशत हो चुकी हैं । इसके अलावा मवमभन्न पत्र-पमत्रकाओं में 300 से अमधक शोध लेख भी प्रकामशत हो चुके हैं ।
१२- डॉ. प्रमोद पाण्डेय: आपकी पुस्तक ' महंदी का मवश्व संदभा ' काफी चचाा में रही है । कृ पया इस पुस्तक के संदभा में हमें बताएं? डॉ. करुणािंकर उपाध्याय: इस संदभा में मैं कहना
चाहूंगा मक महंदी का मवश्व संदभा मनमित रूप से अत्यंत चमचात पुस्तक रही है । यहाँ तक मक 10 जनवरी- 2017 को मवश्व महंदी मदवस के अवसर पर महंदी के सबसे बड़े अखबार, जो मवश्व का भी सबसे बड़ा अखबार है " दैमनक जागरि " में यह पुस्तक मुख्य ख़बर( हेडलाइन) के रूप में प्रकामशत हुई है । अपने 40 से ज्यादा संस्करिों में इस पुस्तक को मुख्य खबर के रूप में प्रकामशत करके " दैमनक जागरि " ने
सराहनीय काया मकया । इस पुस्तक की मवशेर्षता यह है मक इसमें न के वल मवश्व भर में महंदी बोलने वालों की अद्यतन जानकारी दी गई है अमपतु मवश्व के मजन- मजन देशों में महंदी पठन-पाठन की व्यवस्था है तथा मजन मवश्वमवद्यालयों और मशक्षि संस्थाओं में महंदी का प्रमशक्षि मदया जा रहा है उसकी भी जानकारी दी गई है । इसके अलावा मवदेशों में जो रचनाकार महंदी में रचना कर रहे हैं और जो पत्र-पमत्रकाएं महंदी में प्रकामशत हो रही हैं, उन तमाम चीजों की जानकारी एकत्र ममल जाती है । इस कारि यह पुस्तक बहुचमचात रही है ।
१३- डॉ. प्रमोद पाण्डेय: आप रक्षा मवशेर्षज्ञ के रूप में कई महंदी समाचार चैनलों पर अपना मंतव्य व्यक्त कर चुके हैं, कृ पया इस संदभा में हमें मवस्तारपूवाक बताएं? डॉ. करुणािंकर उपाध्याय: इस संदभा में मैं कहना
चाहूंगा मक मैंने बी. ए. और एम. ए. की कक्षाओं के दौरान अंतरराष्ट्रीय मवर्षय पर पयााप्त अध्ययन मकया था और मैं आई. ए. एस. की तैयारी कर रहा था । इस कारि मुझे अंतरराष्ट्रीय मामलों और रक्षा से संबंमधत तमाम प्रश्नों की गहन जानकारी है । महंदी के कई समाचार चैनल, जैसे- ज़ी न्यूज़, न्यूज़२४, सहारा समय, मजयो न्यूज समेत अनेक चैनलों ने रक्षा मवशेर्षज्ञ और अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार के रूप में कई बार मेरा साक्षात्कार मलया है । अनेक प्रश्नों पर उन्होंने एक मवशेर्षज्ञ के रूप में मेरी मटप्पिी भी ली है । यह मेरी रुमच और शौक का क्षेत्र है, मजसे मैं सामहत्य के अलावा लगातार मवकमसत और अद्यतन करता रहता हूँ ।
१४- डॉ. प्रमोद पाण्डेय: आप मु ंबई मवश्वमवद्यालय में महंदी प्राध्यापक के पद पर कायारत हैं, आपका अब तक का अनुभव कै सा रहा? डॉ. करुणािंकर उपाध्याय: इस संदभा में मैं कहना
चाहूंगा मक महंदी प्राध्यापक के रूप में मेरा स्वयं का
Vol. 3, issue 27-29, July-September 2017. वर्ष 3, अंक 27-29 जुलाई-सितंबर 2017