Jankriti International Magazine / जनकृ सत अंतरराष्ट्रीय पसिका ISSN: 2454-2725
पीछे चला जाता है । लेमकन मजसे वह जमींदार भेदुमसंह को दंड देने वाला कलंकी अवतार समझता है वह तो अपनी बहन के मववाह के मलए भेदुमसंह के बेटे को देखने आया है । रोपन हारे हुए जुआरी की तरह घोड़े पर सवार व्यमक्त को देखता रह जाता है । इस कहानी में एक पात्र शोभन है जो इस चीज को बहुत अच्छे से समझ गया था । वह रोपन से कहता है-“ नये ज़माने के लोग ही पुराने लोगों को ठीक करेंगे दादा । गाँठ बाध लो । हमें अवतार नहीं करतार चामहए । करतार यानी अपना हाथ ही तारेगा ।” 25‘ पापजीवी’ कहानी में‘ बरम बाबा की परती’ पांच सौ बीघे की है । इस परती में मकसी की जाने की महम्मत नहीं है क्योंमक पुराने जमाने में ठाकु रों ने यहाँ मकसी िाह्मि की हत्या की थी । एक मदन सरकार ने‘ बरम बाबा’ की परती जमीन को नीलाम कर दी । देखते ही देखते ठेके दार का बँगला भी बनकर तैयार हो गया । बदलू को मवश्वास था मक‘ बरम बाबा’ बदला लेगें, लेमकन जब ऐसा कु छ नहीं हुआ तो उसे भी मानना पड़ता है की बरम बाबा का तेज ममद्धम पड़ गया है ।‘ कमानाशा की हार’ कहानी में भैरव पांडे कहते हैं मक बढ़ी हुई कमानाशा की बाढ़ दुधमुहें बच्चे की बमल से नहीं बमल्क पसीना बहाकर बांध बनाने से रुके गी । इस कहानी में वर्षों से चला आ रहा अंधमवश्वास टूटता हुआ नजर आता है । मशवप्रसाद मसंह की कहामनयों में“ अमस्तत्वगत
सजगता पारम्पररक अंधमवश्वासों, अवतारीय धारिाओं, पूजा-व्रतों आमद को लाँघ रही है । उसका मवश्वास करतार पर नहीं, कर-तार पर आकर ठहर गया है । यही उसका क्षमाबोध है, आस्था है, जो मनुष्ट्य को धरती का मनुष्ट्य बनने को बाध्य करती है ।” 26 िन्द्दभक ग्रन्द्थ िूची
1. मववेकी राय, महंदी कहानी: समीक्षा और सन्दभा, राजीव प्रकाशन, इलाहाबाद, संस्करि-1985, पृष्ठ सं. 27
2. कामेश्वर प्रसाद मसंह, कथाकार: मशवप्रसाद मसंह, संजय बुक सेंटर, वारािसी, संस्करि-1985, पृष्ठ सं. क 3. वही, पृष्ठ सं. क 4. मशवप्रसाद मसंह, मेरे साक्षात्कार, मकताबघर, नई मदल्ली, संस्करि- 1995, पृष्ठ सं. 19-20
5. मशवप्रसाद मसंह, दस प्रमतमनमध कहामनयाँ, मकताबघर प्रकाशन, अंसारी रोड दररयागंज, नई मदल्ली, संस्करि 1994, पृष्ठ सं. 8
6. कामेश्वर प्रसाद मसंह, कथाकार: मशवप्रसाद मसंह, संजय बुक सेंटर, वारािसी, संस्करि-1985, पृष्ठ सं. ख
Vol. 3, issue 27-29, July-September 2017. वर्ष 3, अंक 27-29 जुलाई-सितंबर 2017