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्यात्ा का समापन वक्या । जब लाखों लोगों ने उनका सवागत वक्या ।
1991-1992 मे जब भारती्य जनता पार्टी मणडल कमीशन, रामजनम भूमि विवाद मे उलझ रही थी, तभी काशीराम ने विरोध के बावजूद मुला्यम के साथ गठजोड़ वक्या, जिसमे जाटिव, ्यादव, मुशसलम गठजोड़ अगले 6 माह बाद हुए चिुनाव मे सत्ा मे आने मे सफल हुऐ और भारती्य जनता पार्टी को बाहर का रासता दिखा वद्या । काशीराम मानते थे
कि जितने अधिक चिुनाव होगे सदन मे दलित सदस्यों कि संख्या बढती जाएगी और ्यह सूत् सफल भी हुआ । काशीराम ने केनद्र की वी. पी. सिह सरकार पर दवाब बना्या और मणडल कमीशन की सिफारिशे लागू करवाने मे सफल हुए, जिससे अन्य पिछड़ी जावत्यों को 27 प्रतिशत आरक्षण मिला । उत्र प्रदेश मे पिछड़े वर्ग का आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक विकास, दलितों के साथ-साथ ही हुआ ।
्यह काशीराम जी के प्र्यासों का ही परिणाम
था, कि उत्र भारत मे दलितों सर उठाकर सममान से जिने का अवसर हासिल कर पा्ये, उनहोने कहा की दलित जाति नही वर्ग है । उनहोंने ्यह भी सनदेश वद्या कि‘‘ दलितो को सत्ा मे आना ही होगा‘‘ । अभी तक दलित आंदोलन रा्ट्रीय सतर पर छा्या नही है इसके मुख्य कारण है कि जो भी दलित नेता हुए है, उनका जनाधार केवल अपने राज्यों तक ही सीमित रह ग्या है, जैसे महारा्ट् में श्ी रामदास अठावले, बिहार मे श्ी रामविलास पासवान, उत्र प्रदेश में मेडम मा्यावती आदि । अभी तक डलॉ. आंबेडकर जैसे सर्वमान्य दलित नेता की कमी खल रही है । इसी को पूरा करने की कोशिश करते करते मान्यवर काशीराम जी चिले ग्ये और उनके इस मिशन को मा्यावती पूरा करने का प्र्यास कर रही है, वो कहा तक सफल होगी वही दलित आंदोलन का भविष्य त्य करेगा ।
आज वर्तमान परिपेक््य मे देखा जा्ये तो चिाहे ज्योतिबा फकूले हो, शाहूजी महाराज, नारा्यण गुरू, अन्य कोई दलित नेता, शस्वत बहुत अधिक सफल क्यो नही है । डलॉ. आंबेडकर ही ऐसा का्य्ष करने मे सफल क्यो हुए, जो व्यवस्ा पिछले 3000 साल से चिल रही है उनहोने उसे अपने 30 साल के राजनैतिक जीवन मे बदल वद्या, उसी का परिणाम है कि आज हम सिर उठाकर जी रहे है, इसके पिछे सबसे बड़ा कारण, डलॉ. आंबेडकर का कानून के बहुत बड़े विद्धान होना है, अन्य पूर्व दलित नेता सफल क्यो नही हुए है क् ्योंकिवे कानून के बहुत बड़े विद्धान नही थे ।
आज भी हमारी वर्तमान शस्वत मे जो परेशानी है, जिसमे हमारे अधिकारों का हनन होता है, इसके लिए डलॉ. आंबेडकर जैसे कानून के बेहतरीन विद्धान लोगो की समाज को आवश्यकता है, जिसके लिए हमे अपने बच्चो को एडवोकेटि, मवजसट्रेट, जज बनाना होगा ना कि डलॉ्टिर, इंवजवन्यर, आई. ए. एस. क्योकि कानून का विद्धान ही आपके इन अधिकारो की रक्षा कर सकता है और डलॉ. आंबेडकर के इस कारवा को आगे बढा सकता है । �
22 tuojh 2026