अराजकतापूर्ण ढंग से हुए सत्ा परिवर्तन के बाद हिनदू अ्पसंख्यकों के विरुद्ध होने वाली हिंसा में तीव्र वृद्धि हुई है, वहीं पिछले एक माह के अंदर कई हिनदुओं की हत्या कर दी गई । मारे गए अधिकांश हिनदू दलित वर्ग के हैं ।
बांगलादेश की राह पर पषशचम बंगाल पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्ी ममता बनजजी
लगातार ्यह दावा करते हुए दिखाई देती हैं कि उनके राज्य में दलित, वंवचित एवं पिछड़े वर्ग की जनता के विरुद्ध कहीं भी उतपीड़न ्या अत्याचिार नहीं हो रहा है । जबकि जमीनी शस्वत इसके विपरीत है । राज्य की सामाजिक- राजनीतिक शस्वत के अनुसार राज्य में दलितों( अनुसूवचित जाति) की संख्या कुल जनसंख्या का लगभग 23.5 प्रतिशत है । ्यह देश के किसी भी राज्य में दलित जनसंख्या का तीसरा सबसे
बड़ा प्रतिशत है । राज्य में 60 से अधिक दलित उप-जावत्यां हैं । इनमें राजबंशी( सबसे बड़ी), नमोशूद्र, बागदी, पौंड् और बाउरी प्रमुख हैं, जो कुल दलित जनसंख्या का लगभग 76 प्रतिशत हैं । राज्य के ककूचिवबहार जैसे जिलों में दलित जनसंख्या 40 प्रतिशत से भी अधिक है । अन्य सघन जनसंख्या वाले जिलों में दक्षिण 24-परगना, नावद्या, जलपाईगुड़ी और बांकुरा शामिल हैं ।
tuojh 2026 11