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दलितयों को दिया था धोखा नेहरू ने ..!
जिन्ना और मंडल के छल से आहत हुए डॉ आंबेडकर
में रहने वाले हिनदू परिवार दहशत में जी रहे हैं । उनके साथ पाकिसतान
होने वाले भेदभाव एवं उतपीड़न के समाचिार प्रायः सामने आते रहते हैं । पाकिसतान में रहने वाले हिनदुओं में अधिकांश दलित वर्ग के हैं । यह वह हिनदू हैं जो 1947 मे पाकिसतान के फरेब में आकर वही रुक गए थे । लेकिन जलद ही उनहें यह समझ आ गया था कि वह सभी जिन्ा और जोगेंद्र नाथ मंडल के बिछाये जाल में फंस चिुके हैं । पाकिसतान में रुकने वाले हिनदुओं को सफाई काम पर लगा दिया गया था । पाकिसतान में होने वाले अत्याचारों से पीड़ित होकर कुछ दलित हिनदुओं ने ईसाई धर्म को अपना लिया था । इसके बाद भी उनकी मुसीबत कम नहीं हुई ।
वर्तमान में पाकिसतान में रुकने वाले हिनदुओं की शसथमतरों को लेकर डलॉ भीम राव आंबेडकर भी काफी परेशान थेI इस समबनध में उनहोंने 18 दिसंबर 1947 को ततकालीन प्रधानमंत्ी जवाहरलाल नेहरू को एक पत् लिखा था और उस पत् में पाकिसतान से दलितों को भारत में लाने के लिए कहा था । डलॉ आंबेडकर का वह पत् कुछ इस तरह था- प्रिय जवाहर लाल जी , मेरे पास पाकिसतान छोड़कर भारत आने वाले तथा पाकिसतान सरकार द्ारा रोके गये तथा बंधक बनाये गये दलित िगयों के द्ारा अपनी
अनेक वरथाओं को वर्त करने वाले ढेर सारे पत् आ रहे हैं । अत : मैं यह अनुभव करता हूँ कि समय आ गया है कि मैं आपको उनकी तकलीफों की ओर आपका धरान आकर्षित करूं । इसका उद्े्र यह है कि मैं आपको इन
घटिनाओं के विषय में कुछ विचिार प्रसतुत करूं कि ्रा हो रहा है और ्रा करने की आि्रकता है । मैं नीचिे उनकी तकलीफों के कारणों का वर्णन कर रहा हूं तथा उन सावधानियों का भी जिनके द्ारा उनकी परेशानियों को समापत किया
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