eMag_June 2026_DA | Seite 12

अ. भा. जनजाति सांस्ककृतिक समागम विशेषांक

जनजातलीय सर्ाज की परम्परा से खिलवाड़ नहीं: अतर्त शाह dsa

द्र सरकार ने पुनः सपषट लक्या है कि सामान नागरिक संहिता( ्यूसरीसरी) से जुड़े प्रा्वधानों का कोई प्रभा्व जनजातरी्य समाज पर नहीं पड़ेगा । गुजरात और उत्राखंड में लागू किए गए ्यूसरीसरी कानून में ल्वशेष प्रा्वधान कर सभरी जनजालत्यों को बाहर रखा ग्या है । ्यह कानून किसरी भरी जनजाति करी परंपरा से कोई खिल्वाड नहीं करता है । भग्वान बिरसा मुंडा जरी के 150्वें ज्यंतरी ्वर्ष पर राजधानरी दिल्ली ससथत लाल किले में गत 24 मई को आ्योजित‘ जनजाति सांस्कृतिक समागम’ के मुख्य अतिथि ए्वं गृह ए्वं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा ने कहा कि ्यह समागम जनजालत्यों के महाकुंभ के रूप में आने ्वाले अनेक वर्षों तक जाना जाएगा क्योंकि ्यह भग्वान बिरसा मुंडा के बाद सबसे पहला ऐसा जनजातरी्य
आंदोलन है, जो पूरे देश को एक करता है ।
उनहोंने कहा कि ्यह ्वर्ष भग्वान बिरसा मुंडा करी 150्वीं ज्यंतरी का ्वर्ष है । उलगुलान आंदोलन ने अंग्रेज़ों को धूल चटाने का काम लक्या था और उस ्वकत संचार करी सुल्वधा न होने के बा्वजूद झारखंड से गुजरात तक पूरे भारत में जनजालत्यों को भग्वान बिरसा मुंडा ने ्यह संदेश पहुंचा्या कि हमारा धर्म हरी सच्चा धर्म है और हमारे जंगल पर किसरी का अधिकार नहीं हो सकता । जल, जंगल, प्व्षत आसथा का केनद्र, आजरील्वका का साधन और अससमता औऱ संस्कृति का संरक्षण करने ्वाला अभेद्य किला है । सभरी जनजालत्यों ने किसरी लिखित लन्यम के बिना ल्वल्वधता में एकता और एकता में ल्वल्वधता के मंत् को चरितार्थ करने का काम लक्या है ।
उनहोंने कहा कि संल्वधान निर्माताओं ने सभरी
को अपने मूल धर्म में सममान के साथ जरीने का अधिकार लद्या है । लोभ, लालच और जबरदस्ती कोई किसरी का धर्म परर्वत्षन नहीं करा सकता । ्वन्वासरी अगर ्ठान लें कि धर्म करी रक्षा करने का संकलप लेना है तो ्यहरी संकलप संस्कृति औऱ देश से जोडकर रखेगा । भेद पैदा करने ्वाले लोगों के लिए आज का ्यह सममेलन और लाखों करी संख्या में उपससथलत जनजालत्यां बहुत बडा संदेश हैं ।
केन्द्री्य गृह मंत्री शाह ने कहा कि एक षड्ंत् के तहत ऐसा बता्या जा रहा है कि ्यूसरीसरी कानून जनजालत्यों को अपनरी संस्कृति, परंपरा, परंपरा से जरीने के अधिकार से ्वंचित कर देगा । लेकिन ्वह सपषट करना चाहते है कि ्यह गलत तथ्य है और ्वास्तव में मोदरी सरकार ने जनजातरी्य समाज को ्यूसरीसरी करी सरीमा से बाहर रखा है । उनहोंने
12 twu 2026