दिशा-वनदमेश भी जारी करने जा रही है ।
केंद्र सरकार ने छात्ों कको दी जाने वाली आर्थिक सहायता यकोजना में पढ़ाई की गुणवत्ा कको भी सुवनबशचत करेगी । पढ़ाई की गुणवत्ा के साथ ही छात्िृवत् लेकर ककोई छात् किन संसरानों में पढ़ाई कर रहे हैं ? उनकी गुणवत्ा कैसी है ? पढ़ाने के लिए यकोगय वशक्क हैं या नहीं है ? सहित कई अनय मानकों पर निगाह रखी जाएगी , जिससे गरीब छात्ों कको सही और गुणवत्ा पदूण्स शिक्ा प्रा्त हको सके । पिछले कई दशकों से लगातार देखने कको मिल रहा था कि दलित वर्ग के बच्ों कको शिक्ा देने के नाम पर खराब गुणवत्ा वाले कई शैक्वणक संसरान देश भर में सवरिय हैं , जको पढ़ाई के सरान पर छात्िृवत् की राशि हासिल करने में जयादा रुचि रखते थे और इसका दुषपरिणाम दलित वर्ग के छात्ों कको भुगतना पड़ रहा था । छात्िृवत् के नाम पर हकोने वाले फजटीिाड़े के साथ ही दलित वर्ग के बच्ों के बाधित हको रहे विकास कको देखते हुए मंत्ालय अब छात्ों कको छात्िृवत् देते समय शैक्वणक संसरानों की गुणवत्ा कको भी देखेगा । इसमें इंफ्ासट्रकचर , वशक्कों की संखया और हर साल पास हकोने छात्ों का प्रतिशत सहित कई अनय विषयों पर भी अब सरकार की कड़ी निगाह
रहेगी । इससे बच्ों कको भी बेहतर और उच् गुणवत्ा वाली शिक्ा हासिल हकोगी , जकोवक इस यकोजना का लक्य है ।
केंद्रीय सामाजिक नयाय एवं अधिकारिता मंत्ी थावरचंद गहलकोत के अनुसार यकोजना के लिए धन के आवंटन के तरीकों में बदलाव कर वित्ीय मदद में पांच गुना से जयादा बढ़ोत्तरी की गयी है , वही यकोजना कको तकनीक से जकोड़ा गया है । अब छात्ों कको मिलने वाली आर्थिक मदद सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी । अभी तक केंद्र यह राशि राजयों और शैक्वणक संसरानों कको देता था , जिसके जरिए यह छात्ों तक पहुंचती थी । इनमें अलग-अलग सतरों पर भारी गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद अब सरकार ने यकोजना के वरियानिन में कई बदलाव किये हैं , जिनसे यकोजना कको पारदशटी तरीके से लागदू करने में मदद मिलेगी । केंद्र सरकार के निर्णय के बाद बच्ों की पढ़ाई पर अब पहले के मुकाबले हर साल पांच गुना जयादा राशि खर्च हकोगी । साथ ही इसे लेकर संचालित यकोजना पर अगले पांच सालों में 59 हजार करोड़ से जयादा राशि खर्च की जाएगी । इसमें केंद्र की हिससेदारी 35 हजार करोड़ से जयादा की हकोगी । यकोजना के माधयम से अगले
चार सालों में चार करोड़ अनुसदूवचत वर्ग के छात्ों कको लाभ दिया जाएगा । इनमें करीब 1.36 करोड़ छात् सबसे गरीब वर्ग से होंगे ।
दलित वर्ग के छात्ों कको दी जाने वाली छात्िृवत् यकोजना कको लेकर राजयों और केंद्र सरकार के बीच धन के आवंटन के विवाद भी सुलझ गया है । नयी यकोजना में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत धन उपल्ध कराएगी , जबकि राजय कको 40 प्रतिशत धन देना हकोगा । पहले इस यकोजना में केंद्र सरकार की ओर से हर साल औसतन 11 सौ करोड़ की ही मदद दी जाती थी , जको अब बढ़कर हर साल छह हजार करोड़ कर दी गयी है अर्थात अब यकोजना पर पांच गुना अधिक धनराशि खर्च की जाएगी ।
दलित वर्ग के छात्ों के शैवक्क सशबकतकरण के लिए छात्िृवत् की यह यकोजना सितंत्ता से पहले 1944 से चल रही है । दुर्भागय यह रहा कि 1944 से लेकर 2013- 14 तक दसवीं के बाद पढ़ाई करने वाले अनुसदूवचत छात्ों की सकल नामांकन अनुपात सिर्फ 17 प्रतिशत ही था , जको 2018-19 में बढ़कर 23 प्रतिशत हको गया है । केंद्र सरकार इस अनुपात कको बढाकर 27 प्रतिशत तक पहुंचाना चाहती है । �
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