eMag_Jan 2021_Dalit Andolan | Page 21

उपलब्ध है , जिसके लिए भारतीय संसद कको 65 वर्ष से अधिक समय तक प्रतीक्ा करनी पड़ी । यह प्रधानमंत्ी मकोदी के ददूरदशटी निर्णय की सबसे बड़ी वह उपलब्ध है , जिसका गवाह ददूसरा दशक बना है I
मकोदी सरकार की विकासवादी और राषट्रवादी राजनीति का प्रभाव पदूरे देश में देखा जा सकता है । 2020 में ककोरकोना जैसी महामारी से निपटने के साथ ही प्रधानमंत्ी मकोदी की नीतियाँ , भाजपा के पदूि्स अधयक् के रूप में अमित शाह की संगठन क्मता और वर्तमान अधयक् जे . पी . नड्ा के नेतृति में , भाजपा लगातार अपना जनाधार बढाती चली जा रही है । दिलली विधानसभा चुनाव में विपक् की एकजुटता से मिली हार के उपरांत पाटटी के जनाधार कको बढ़ाने के साथ ही बिहार विधान सभा चुनाव में भी भाजपा ने अपने जनाधार कको तको बढ़ाया ही , साथ ही जनता दल ( यदू ) के साथ मिलकर राजय में नई सरकार का गठन किया । नितीश कुमार कको पुनः मुखयमंत्ी बना कर भाजपा ने यह भी सपषट रूप से सिद्ध कर दिया कि गठबंधन धर्म का ईमानदारी से निर्वहन करने में पाटटी कहीं से भी पीछे नहीं है । इसी प्रकार एक के बाद एक करके बकोिकोलैंड टेरिटकोरियल काउंसिल , राजसरान ग्रामीण के सरानीय निकाय चुनावों , ग्रेटर हैदराबाद मयुवनसपल कॉरपकोरेशन के चुनाव , लद्ाख हिल काउंसिल के चुनाव , अरुणाचल प्रदेश सरानीय निकाय चुनाव , गकोिा जिला पंचायत चुनाव , केरल के सरनीय चुनाव के साथ ही 11 राजयों के उप-चुनावों में भाजपा कको शानदार विजय मिली । यह भाजपा की सकारातमक राजनीति और जनता के प्रति जवाबदेही के कारण ही हको रहा है । प्रधानमंत्ी मकोदी की विकासवादी नीतियों के साथ भाजपा ने 2020 के अंत तक अपना जनाधार जिस तरह से बढ़ाया , उसे देखकर यह कहा जा सकता है कि तीसरा दशक भाजपा के लिए सिवण्सम काल सिद्ध हकोगा I
भारत के सभी राजयों में नगरीय से लेकर ग्रामीण क्ेत्ों की जनता के बीच पाटटी की बढ़ती सिीकार्यता का प्रभाव पबशचम बंगाल , उड़ीसा ,
आंध्र प्रदेश , तेलंगाना , तमिलनाडु , केरल जैसे राजयों में भी सपषट रूप से दृबषटगत हकोने लगा है । जनता कको प्रधानमंत्ी मकोदी पर , उनकी नीतियों पर और भाजपा के के शासन पर बढ़ते भरकोसे के बीच तीसरी सदी का पहला वर्ष , यानी 2021 अपने साथ कई राजयों के विधानसभा चुनाव कको लेकर भी आ रहा है । इन राजयों में पबशचम बंगाल , केरल और तमिलनाडु भी शामिल हैं , जहां चुनाव के लिए पाटटी अपनी पदूरी तैयारी कर चुकी हैI तीनों राजयों में भाजपा का लक्य आम जनता कको परिवारवाद , भ्रषटाचार और विकासविहीन राजनीति से मुबकत दिलाना है । तीनों राजयों की जनता 2019 के आम चुनाव में यह संकेत पहले ही दे चुकी थी कि विकास के एजेंडे कको सिीकार करना ही हकोगा । उधर केवल मकोदी विरकोध के लिए प्रतिबद्ध विपक् की कारगुजारियों ने 2020 के अंत तक जैसी बसरवतयां बना दी हैं कि देश की जनता कको अब सबसे बेहतर राजनीतिक विकलप भाजपा के रूप में दिख रहा है I
ककोरकोना महामारी के कारण कई माह तक बंद रहे देश के समक् उतपन्न हुई जटिल चुनौतियों से निपटने में शानदार ढंग से सफलता
हासिल करने वाले प्रधानमंत्ी मकोदी का लक्य नव भारत के निर्माण का हैI इस लक्य कको प्रा्त करने के लिए मकोदी सरकार की यकोजनाएं जिस तरह से एक के बाद एक मदूत्स रूप ले रही है , उसी प्रकार पाटटी भी अपने राषट्रवयापी लक्य कको लेकर गंभीरता के साथ राजनीतिक रूप से सवरिय हैI सकारातमक , गंभीर और विकासवादी राजनीति के कारण भाजपा की बढ़ती राजनीतिक सिीकार्यता से विपक् सकते की बसरवत में है । विपक्ी दलों कको समझ नहीं आ रहा है कि वह भाजपा का राजनीतिक मुकाबला किस प्रकार से करें ? इसीलिए विपक् ने भ्रम और हिंसा कको अपना हथियार बना लिया है । 2014 के बाद से जनता कको भ्रमित करने के विपक् लगातार नकारातमक राजनीति कर रहा है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा । पबशचम बंगाल और केरल में राजनीतिक रूप से सुनियकोवजत हिंसा की तसिीरें पदूरे देश की जनता सपषट रूप से देख रही है । ऐसे में भाजपा की सकारातमक राजनीति और मकोदी सरकार के विकासवादी एजेंडे पर जनता जिस तरह से अपनी मकोहर लगा रही है , वह भविषय के सुखद संकेत देने के लिए काफी हैI �
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