August 2026_DA | Página 36

समाज

दलित रताििीति और आय्य समताि

डा. राकेश कुमार आय्ष

द वलतों की राजनीति करनबे वालबे

्बहुत सबे दल दबेश मेें हैं । इनमेें सबे दबेश की स्बसबे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस नबे दवलतों के नामे पर राजनीति तो की, पर उनके लिए सामेाजिक सुरक्ा उपलब्ध नहीं कराई, जो एक दबेश के नागररकों को उपलब्ध होनी चाहिए । कांग्रेस के शासनकाल मेें दबेश के दलित समेाज के साथी वही कुछ होता रहा जो आजादी सबे पहलबे होता रहा थीा । ्बसपा जैसी पार्टी तो केवल दवलतों की राजनीति के नामे पर ही सत्ा का ्लिाद लबे चुकी है । यह ्बहुत ही दुभाराग्यपपूर््ण है कि दवलतों के लिए राजनीति करनबे वालों नबे भी उनके क्कयार् की योजनाओं को ्बनानबे का कामे नहीं किया । ्बसपा के शासनकाल मेें दपूसरी जावतयों के लोगों के साथी कई प्रकार के अत्याचार हुए और दलित समेाज के लोगों नबे गलत ढ़ंग सबे प्राथीवमेकी दजरा करा कराकर सम्मेावनत लोगों को अपमेानित करनबे की प्रवरिया को तबेजी सबे चलाया, जिस पर ्बसपा की नबेता मेायावती का भी खुला समेथीरान उन्हें वमेलता रहा । प्रतिशोध की इस भावना सबे समेाज मेें लोगों मेें जातिगत दपूरियां ्बढ़ीं और एक नई विसंगति नबे जन््म लिया, पररर्ामस््वरूप लोगों नबे ्बसपा को सत्ा सबे दपूर कर दिया । ्बसपा नबे भी केवल सत्ा ्लिाथीरा ही दबेखा और दवलतों के कंधों को प्रयोग करके अपनी राजनीतिक ्लिाथीरापूर्त्ति की । ्बसपा की नबेता मेायावती नबे भी अपनबे दलित भाइयों को केवल अपनबे ्लिाथीरा के लिए प्रयोग किया । कहनबे का अभिप्राय है कि वह भी वोर् की राजनीति सबे ऊपर उठ नहीं पाई । प्रश्न यह है कि वा्लति मेें दबेश मेें दलित कौन हैं? और दलित होनबे का लाभ किसको और
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