April 2026_DA | Page 30

जन्मदिन पर विशेष

धममेन्द्र मिश्रा

भािर्रीर इतिहास की धारा को बदला डा. आंबेडकर ने

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तंत्र भारत के निर्माण में अनुसूचित जातियों के योगदान का किसी भी सूरत में नाकारा नहीं जा सकता है । अगर हम अनुसूचित जाति के योगदान पर निगाह डाले तो आधुनिक भारत के निर्माण में 90 प्जतशत योगदान अगर किसी का है तो वह है बाबा साहब भीम राव आंबेडकर का । डा. आंबेडकर ही वह पहले दलित नेता थे, जिनहोंने आधुनिक भारत के निर्माण में महतवपूर्ण भूमिका निभाई । उनके योगदान पर अगर निगाह डाली जाए वर्तमान भारत के लिए कानून बनाते समय डा. आंबेडकर की प्ाथमिकता भूमिहीन और श्मजीवी वर्ग थे । डा. आंबेडकर उन चंद भारतीयों में से थे, जिनहोंने सामाजिक एवं आर्थिक प्जातंत्र का आगाज कर, भारत के इतिहास की धारा को बदलने के लिए लंबी लडाई लडी । भारत में वयापत आर्थिक और सामाजिक शोषण, उनकी गंभीर चिंता का विषय था और उनकी यह मानयता थी कि समाज और अर्थवयवसथा में संसथागत परिवर्तनों के बगैर भारत, शांति, प्सन्नता और समृद्धि का देश नहीं बन सकता । अलग-अलग मौकों पर उनहोंने भूमिहीन श्जमकों, छोटी जोतों,‘ खोटी वयवसथा’,‘ महार वतन’, सामूहिक खेती, भू-राजसव, मौद्रिक वयवसथा और जमींदारी उनमूलन जैसे मुद्ों पर विचार किया । उनहोंने कराधान से जुड़े मसलों की भी गहन विवेचना की । सामाजिक समानता लाने के लिए वह उद्योगों और खेती
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