Vaastu Vigyan Volume I | Página 10

——घर में नौ दिन तक अखण्ड भगवन्नाम-कीर्तन करने से वास्तुजनित दोष का निवारण हो जाता है.

——मुख्य द्वार के ऊपर सिन्दूर से स्वस्तिक का चिन्ह बनाये.यह चिन्ह नौ अंगुल लम्बा तथा नौ अंगुल चौड़ा होना चाहिये.

—घर के दरवाजे पर घोड़े की नाल (लोहे की) लगायें। यह अपने आप गिरी होनी चाहिए.

—–घर में टूटे-फूटे बर्तन या टूटी खाट नहीं रखनी चाहिए। टूटे-फूटे बर्तन और टूटी खाट रखने से धन की हानि होती है।

——घर के सभी प्रकार के वास्तु दोष दूर करने के लिए मुख्य द्वार पर एक ओर केले का वृक्ष दूसरी ओर तुलसी का पौधा गमले में लगायें।

—–दो फीट गहरा गङ्ढा खोदकर स्थापित किया जाता है।

——–यदि प्लाट खरीदे हुये बहुत समय हो गया हो और मकान बनने का योग न आ रहा हो तो उस प्लाट में अनार का पौधा पुष्प नक्षत्र में लगायें।

—–फैक्ट्री-कारखाने के उद्धाटन के समय चांदी का सर्प पूर्व दिशा में जमीन में स्थापित करें।

——यदि कोई बहुमंजिली इमारत आपके सामने हो, तो फेंगशुई के अनुसार अष्ट कोणीय दर्पण, क्रिस्टल बाल तथा दिशा सूचक यंत्र लगा सकते हैं।